इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रमोट करने के लिए सरकार इस पॉलिसी पर कर रही है कार्य
उर्जा मंत्री आरके सिंह ने पिछले महीने कहा था कि उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहन और स्टोरेज सिस्टम निर्माताओं की बैठक बुलायी थी और उनसे इन क्षेत्रों में निवेश शुरू करने के लिए कहा था।
सरकार ने ऑटो कंपनियों को भारत में बिजली के वाहनों का निर्माण शुरू करने के लिए कहा है। यही नहीं सरकार से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों ने भी कहा है कि पॉवर गतिशीलता और भंडारण की नीति के लिए वे वैश्विक बाजारों का भी अध्ययन कर रहे हैं।

अधिकारियों ने इकोनामिक्स टाइम्स ऑटो की एक रिपोर्ट के हवाले से कहा है कि हम इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं और भारत में अपनी सुविधा स्थापित करने के लिए कभी न खत्म होने वाली भंडारण की व्यवस्था को चाहते हैं। हमारे पास एक विशाल, महत्वाकांक्षी लक्ष्य है और भंडारण इसका भविष्य है।

इस पहले उर्जा मंत्री आरके सिंह ने पिछले महीने कहा था कि उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहन और स्टोरेज सिस्टम निर्माताओं की बैठक बुलाई थी और उनसे उन क्षेत्रों में निवेश शुरू करने के लिए कहा था जिनसे "भविष्य" का नेतृत्व किया जा सके।

उन्होंने कहा कि हम भारत को एक विनिर्माण केंद्र बनाने के लिए काम कर रहे हैं, और हम उस नीति पर काम करेंगे। हमने इसके लिए कई लोगों के साथ चर्चा शुरू की है और सही समय पर सही प्रकार की नीतियों को लाने की कोशिश करेंगे।

इसके अलावा सरकार ने कुछ महत्वपूर्ण क्षेत्रों की पहचान भी किया है जो भारत में ई-गतिशीलता ड्राइव को बढ़ावा देने में मदद करेंगे। उन्होंने कहा है कि इस क्षेत्र में घरेलू निर्माण को कैसे उभारें, बैटरी आयात नहीं की जा सकें। इस पर विस्तार से चर्चा की है।

बता दें कि बिजली के क्षेत्र में नीतिगत बदलाव लाने के लिए बड़े पैमाने पर स्टेशनों के चार्ज करने की आवश्यकता होती है लेकिन इस बारे में अधिकारियों ने कोई बात नहीं की। हां उन्होंने यह बात जरूर बताया कि निर्माता भारत में बिजली के वाहन बनाने को उत्सुक हैं, लेकिन फिलहाल सरकार के पास इन्हे प्रोत्साहन देने के लिए कोई योजना पेश नहीं है।

हालांकि सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों की नीति पर विचार कर रहा है और वाहनों की मांग के सृजन की तलाश में है जबकि अभी भारत में महिन्द्रा और टाटा जैसी कुछ ही ऑटो कंपनियां हैं जो भारत में बिजली के वाहनों का निर्माण कर रही हैं, सरकार इस प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए काम कर रही है।

बताते चलें कि ये सारी बातें ऊर्जा मंत्री और अधिकारियों ने बिजली के वाहनों को बनाने भंडारण प्रणाली के अग्रणी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निर्माताओं की एक बैठक में कही। जहां सरकार के थिंक टैंक नीती आयोग देश में बिजली के वाहनों के लिए एक पारिस्थितिकी तंत्र बनाने की दिशा की अगुआई करेगा।

DriveSpark की राय
सरकार की इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण की योजना फिलहाल अभी शैशव अवस्था में है और लक्ष्य साल 2030 तक भारत से डीजल और पेट्रोल वाहनों को खत्म कर देना है। ऐसे में सरकार को निर्माताओं के साथ इस योजना को बढ़ाने में तेजी लाने की आवश्यकता है।


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