भारत की सड़कों पर अब बिना ड्राइवर के भी दौड़ सकेगी कार, जानिए कैसे?

Written By: Deepakkumar

अगर सब-कुछ ठीक ठाक रहा तो वह दिन दूर नहीं जब भारत की सड़कों पर ड्राइवरलेस कारों को चलाने का सपना पूरा हो जाएगा और खास बात यह है कि सरकार भी इस दिशा में एक कदम और आगे बढ़ा दिया है।

भारत की कई कम्पनियों ने भी इस self-driving electric vehicles (EVs) के विकास पर कार्य करना शुरू कर दिया है।

आपको बता दें कि अब गूगल, टेस्ला, और उबेर ड्राइवरलेस कारें विकसित करने में जुटी हैं औऱ उधर अब सरकार भी मोटर व्हीकल एक्‍ट में संशोधन की तैयारी कर रही है।

माना जा रहा है कि संशोधनों के बाद ड्राइवर के बिना चलने वाली गाड़ियों की टेस्टिंग के लिए परमिट दे दिया जाएगा।

सड़क एवं परिवहन मंत्रालय से जुड़े एक अधिकारी ने बताया है कि सरकार मोटर व्हीकल एक्‍ट में संशोधन होने के बाद एक-एक करके ऐसी गाड़ियों की टेस्टिंग की इजाजत देगी।

इस कदम से ड्राइवरलेस टेक्नोलॉजी पर काम कर रहीं भारतीय कंपनियां भी स्वचलित गाड़ी बनाने की वैश्विक दौड़ में हिस्सा ले पाएंगी।

टाटा ग्रुप की डिजाइन और तकनीकी शाखा टाटा एलेक्सी भी ड्राइवरलेस कार को टेस्ट करने की तैयारी में है। हालांकि कंपनी ने इस रिपोर्ट पर कमेंट करने से इनकार कर दिया।

 

 

आपक बता दें कि प्रस्तावित संशोधन मोटर व्हीकल (संशोधन) बिल, 2016 का हिस्सा हैं और इसे संसद में अगस्त 2016 में पेश किया गया था।

जानकारी के मुताबिक वैश्विक रूप से कार बनाने वाली और तकनीकी कंपनियां जैसे टेस्ला मोटर्स, चीन की बाइडू, गूगल, ऊबर, फोर्ड और जनरल मोटर्स ड्राइवरलेस कारों पर काम कर रही हैं, जिन्हें दुनिया भर में टेस्ट किया जा रहा है। गूगल इस प्रोजेक्ट को 2020-21 तक पूरा कर देना चाहता है।

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English summary
Google will help change the experience of car ownership, which means safer roads with fewer accidents.
Story first published: Monday, February 27, 2017, 14:17 [IST]
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