10 हजार इलेक्ट्रिक कारों का और भी आर्डर दे सकता है ईईएसएल, जानिए कब तक?
मार्च या अप्रैल में 10,000 इलेक्ट्रिक कारों के लिए एक और निविदा होगी। यह बात ईईएसएल के प्रबंध निदेशक सारा कुमार ने मीडिया से बातचीत में संवाददाताओं से कहा।
स्टेट स्वामित्व वाली इनेर्जी इफिसिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) अगले साल मार्च-अप्रैल में 10,000 ई-कारों के लिए एक और निविदा पेश करेगी, जो कि साल 2030 तक सभी डीजल-पेट्रोल वाहनों को खत्म करने की योजना के तहत होगी।

इस बारे में ईईएसएल के प्रबंध निदेशक सारा कुमार ने मीडिया से बातचीत में संवाददाताओं से कहा कि अगले साल मार्च या अप्रैल में 10,000 इलेक्ट्रिक कारों के लिए एक और निविदा होगी। कुमार ने कहा कि कंपनी को चालू वित्त वर्ष के दौरान 3500 करोड़ रुपये का टर्नओवर होने की उम्मीद है।
उन्होंने ई-ईएसएल की योजनाओं के बारे में बताया कि ई-वाहनों पर सरकार का ध्यान केंद्रित करने के बाद, बड़े इलेक्ट्रिक वाहन चार्ज करने वाले बुनियादी ढांचे के बाजार में हिस्सेदारी रखने की योजना है। कंपनी के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ईईएसएल देश में बिजली बसों की खरीद करने की योजना भी बनाएगा, लेकिन यह लव्यापार के पैमाने मांग पर निर्भर करेगा।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए, दिल्ली सरकार सार्वजनिक परिवहन की साफ-सफाई के लिए विद्युत बसों की खरीद करने की योजना बना रही थी। अधिकारी ने कहा कि इलेक्ट्रिक चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर में बहुत बड़ी क्षमता है क्योंकि उपलब्ध तकनीक है जो 5 से 10 मिनट में बिजली के वाहनों को चार्ज कर सकती है, लेकिन ये महंगे हैं।
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हालांकि, ईईएसएल ने पहले से ही एसी (वैकल्पिक वर्तमान) और डीसी (डायरेक्ट करंट) इलेक्ट्रिक वाहन शुल्क के लिए निविदा जारी की है। ये डीसी चार्जर्स पूरी तरह से विद्युत वाहनों को 45 से 60 मिनट में चार्ज कर सकते हैं, जबकि एसी शुल्क में 6 से 7 घंटे लगते हैं।

Drivespark की राय
बताते चलें कि टाटा मोटर्स और महिंद्रा ऐंड महिंद्रा पिछले महीने ईईएसएल के 10,000 कारों के लिए निविदा के सफल बोलीदाताओं के रूप में उभरे। ये कम्पनियां अपनी कारें डिलेवर करने के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। इससे राजधानी दिल्ली में 10 हजार अन्य वाहनों से उत्पन्न होने वाले उत्सर्जन से राहत मिलेगी।


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