अब वाणिज्यिक वाहनों के लिए बिहार में भी अनिवार्य हुआ स्पीड गवर्नर

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बिहार के राज्य परिवहन विभाग ने राज्य के सभी वाणिज्यिक वाहनों के लिए अक्टूबर 1, 2017 से स्पीड गवर्नर्स को अनिवार्य कर दिया है। वाणिज्यिक वाहन निर्माताओं को सभी नए वाहनों पर इन उपकरणों को सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्देशों के अनुसार स्थापित करना आवश्यक है।

अब वाणिज्यिक वाहनों के लिए बिहार में भी अनिवार्य हुआ स्पीड गवर्नर

जैसा कि नाम से पता चलता है, स्पीड गवर्नर्स वाहन की गति को सीमित करता है। बता दें कि सर्वोच्च न्यायालय ने 2002 में सभी वाणिज्यिक वाहनों पर स्पीड गवर्नर्स की स्थापना के लिए एक दिशानिर्देश जारी किया था।

अब वाणिज्यिक वाहनों के लिए बिहार में भी अनिवार्य हुआ स्पीड गवर्नर

इसके पहले केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, पंजाब और महाराष्ट्र की राज्य सरकारें वाणिज्यिक वाहनों के लिए स्पीड गवर्नर्स अनिवार्य बनाने के लिए पहले से ही अलग नोटिस जारी कर चुकी हैं।

अब वाणिज्यिक वाहनों के लिए बिहार में भी अनिवार्य हुआ स्पीड गवर्नर

बिहार ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के आदेश के अनुसार, स्पीड गवर्नर को स्थापित करने के बाद संबंधित जिला आरटीओ से एक नया फिटनेस सर्टिफिकेट (एफसी) खरीदना होगा। अप्रैल में राज्य सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, स्कूल बसों को 40 किमी / घंटा तक सीमित कर दिया जाएगा, और डंप ट्रक 60 किमी / प्रति घंटे तक सीमित होंगे।

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मौजूदा वाहनों के लिए स्पीड गवर्नर्स, ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया, सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट, ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी या वाहन अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान के लिए इंटरनेशनल सेंटर द्वारा अधिकृत एजेंसियों द्वारा फिट होंगे।

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English summary
The State Transport Department of Bihar has made speed governors mandatory for all commercial vehicles in the state registered on or before October 1, 2017.
Story first published: Saturday, June 10, 2017, 14:02 [IST]
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