नवम्बर माह में कारों की बिक्री ने पकड़ी रफ्तार, क्या जीएसटी रहा इफेक्टिव?
पैसेंजर और कमर्शल वीइकल्स की सेल्स नवंबर में बढ़ी है। इससे मौजूदा फाइनैंशल इयर के अंत तक कार सेल्स की रफ्तार बरकरार रहने की उम्मीद बढ़ी है। आइए इस खबर के बारे में विस्तार से जानते हैं।
हमारे देश में जीएसटी के लागू होने के बाद पैसेंजर और कमर्शल वाहनों की बिक्री नवंबर में बढ़ी है और उम्मीद किया जा रहा है कि इससे मौजूदा फाइनैंशल इयर के अंत तक कार सेल्स की रफ्तार बरकरार रहने की उम्मीद है।
हालांकि इन सबके बीच नवंबर की ग्रोथ का बड़ा कारण लो बेस बताया जा रहा है क्योंकि पिछले वर्ष नवंबर में डीमॉनेटाइजेशन के कारण कार सेल्स पर बड़ा असर पड़ा था। पिछले महीने पैसेंजर वीइकल की सेल्स 14.3 पर्सेंट और टू-व्हीलर्स की 23.5 पर्सेंट बढ़ी है।

रिपोर्ट के हवाले से सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सिआम) का कहना है कि अच्छे मॉनसून से ग्रामीण इलाकों में उत्साह बढ़ने और कंज्यूमर सेंटीमेंट मजबूत होने से जुलाई-सितंबर क्वॉर्टर में ग्रोथ 6.3 पर्सेंट बढ़ी है। इससे पहले पांच क्वॉर्टर में इसमें गिरावट आई

सिआम के डिप्टी डायरेक्टर जनरल, सुगातो सेन ने कहा सियाम ने कहा कि मौजूदा फाइनैंशल इयर में ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की ग्रोथ 8-10 पर्सेंट रह सकती है। अगर 8-10 पर्सेंट की ग्रोथ होती है तो यह पिछले छह फाइनैंशल इयर में सबसे अच्छी होगी।

फाइनैंशल इयर 2017 में ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की ग्रोथ 6.81 पर्सेंट, 2016 में 3.78 पर्सेंट, 2015 में 7.06 पर्सेंट, 2014 में 3.54 पर्सेंट और 2013 में 2.49 पर्सेंट रही थी। सरकार के इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर देने से कमर्शल वीइकल की सेल्स में भी अच्छी तेजी आई है।
देश की सबसे बड़ी कार मेकर मारुति सुजुकी की नवंबर में सेल्स 14.3 पर्सेंट बढ़कर 1,44,297 यूनिट की रही। ह्युंडई की बिक्री 10 पर्सेंट की वृद्धि के साथ 44,008 यूनिट पर पहुंच गई। कमर्शल वीइकल सेगमेंट में टाटा मोटर्स ने नवंबर में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया।

इसकी सेल्स 72 पर्सेंट बढ़कर 35,307 यूनिट पर पहुंच गई। नवंबर में टू-व्हीलर की सेल्स बढ़कर 15.3 लाख यूनिट हो गई। स्कूटर्स की बिक्री 30.25 पर्सेंट की वृद्धि के साथ 5,06,267 यूनिट और मोटरसाइकिल की 23.35 पर्सेंट बढ़कर 9,59,122 यूनिट पर पहुंच गई।

बताते चलें कि हीरो मोटोकॉर्प की डोमेस्टिक मार्केट में बिक्री 25.72 पर्सेंट बढ़कर 5,88,532 यूनिट रही। होंडा की सेल्स 44.32 पर्सेंट की वृद्धि के साथ 4,32,134 यूनिट पर पहुंच गई। देश की ऑटोमोबाइल कंपनियां अपनी डीलरशिप को डिस्पैच की मासिक रिपोर्ट देती हैं। ये आमतौर पर रिटेल सेल्स के आंकड़े नहीं बताते हैं।

DriveSpark की राय
अगर ऑटो उद्योग जगत की रफ्तार इसी तरह बनी रहती है तो जाहिर सी बात है इस उद्योग के लिए यह अच्छे संकेत हैं। आमतौर पर करों में एकरुपता न होने की वजह से ऑटो दिग्गज कन्फ्यूज रहे पर उससे बिक्री पर कोई प्रभाव नहीं है।


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