अशोक लेलैंड और हीनो मोटर्स के बीच हुआ समझौता, बीएस-6 इंजन होगा डेवलप
हिंदुजा समूह की कंपनी अशोक लेलैंड ने कहा कि उसने बीएस-6 मानक के अनुरूप इंजन विकसित करने के लिए जापान की कंपनी हीनो के साथ समझौता किया है। आइए इस खबर के बारे में विस्तार से जानते हैं।
कॉमर्शियल वाहन निर्माता अशोक लेलैंड ने कहा कि उसने बीएस-6 मानक के अनुरूप इंजन विकसित करने के लिए जापान की कंपनी हीनो के साथ समझौता किया है। इस समझौते को लेकर अशोक लेलैंड ने कहा कि इंजन के निर्माण के लिए कंपनियों ने पारस्परिक सहयोग समझौते (एमसीए) में प्रवेश किया है।

इस समझौते के तहत अशोक लेलैंड यूरो-6 मानकों के लिए हीनो इंजन की तकनीक का उपयोग करेगा और वैश्विक परिचालन के लिए भारत में हीनो के इंजनों के कलपुर्जे खरीदेगा। हीनो और अशोक लेलैंड के बीच इंजन उत्पादन के लिए साल 1986 से सहयोग समझौता है।
आपको बता दें कि दोनों कंपनियों को प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए डीजल इंजन में एक-दूसरे की ताकत का लाभ उठाने में मदद मिलेगी। भारत ने कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के लिए बीएस-6 उत्सर्जन मानक के अनुरूप पेट्रोल व डीजल के उत्पादन की योजना है। वर्तमान में इनकी बीएस-4 श्रेणी का उपयोग हो रहा है।

अशोक लेलैंड के प्रबंध निदेशक और सीईओ विनोद के. दसरी ने एक बयान में कहा कि हम लंबे समय तक साझेदारी में विश्वास करते हैं, और हम हिनो मोटर्स का बहुत सम्मान करते हैं। हमारी कंपनियों के बीच यह सहयोग पारस्परिक रूप से लाभप्रद होगा और हम दोनों के लिए सक्षम होंगे।
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हिनो मोटर्स के अध्यक्ष और सीईओ योशियो शिमो ने एक बयान में कहा कि हम मानते हैं कि अशोक लीलैंड के साथ इस सहयोग से दोनों कंपनियों को फायदा होगा। हीनो भारत में अशोक लीलैंड की हिस्सेदारी खरीद क्षमताओं का उपयोग करके अपनी वैश्विक प्रतिस्पर्धा में वृद्धि करेगा।

DriveSpark की राय
नए म्युचुअल सहकारिता समझौते (एमसीए) के साथ, अशोक-लेलैंड वैश्विक मानकों के अनुरूप होने के साथ-साथ यूरो VI उत्सर्जन मानकों के अनुरूप भी अपने इंजन का विकास कर सकता है। इससे दुनिया भर के बाजार में हिनो को भी अशोक-लेलैंड से फायदा होगा।


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