अशोक लेलैंड और सन मोबिलिटी के बीच समंझौता, डेवलप होगी इलेक्ट्रिक बसें
अशोक लेलैंड को सन मोबिलिटी के साथ गठबंधन हुआ है। इस गठबंधन के तहत दोनों मिलकर इलेक्ट्रिक बसों को निर्माण करेंगे। आइए इस खबर के बारे में विस्तार से जानते हैं।
एक ऐसे वक्त में जब कई कार निर्माता बिजली के वाहनों को विकसित करने का कार्य कर रहे हैं और डीजल-पेट्रोल वाहन लगातार पर्यावरण के लिए चुनौती बने हों। ऐसे इलेक्ट्रिक वाहनों के विकल्प के अलावा हमें कोई और दूसरा विकल्प देखने को नहीं मिल सकता है।
जिसके परिणाम स्वरूप अब अशोक लेलैंड और सन मोबिलिटी यानि सन ग्रुप के बीच इलेक्ट्रिक बसों को डेवलप करने का समझौता हुआ है।

आपको बता दें कि इस समझौते के तहत भारत की पहली इलेक्ट्रिक कार रीवा के संस्थापक चेतन मेनई के नेतृत्व में सन मोबिलिटी, सन ग्रुप के वाइस चेयरमैन उदय खेमका के साथ, अशोक लेलैंड के लिए इलेक्ट्रिक मोबिलिटी समाधान विकसित करने में मदद करेंगे।

अशोक लेलैंड पहले से ही विद्युत बसों के डेवलपमेंट को लीड कर रही है और आगे सीएनजी और डीजल के साथ हाइब्रिड व प्लग-इन प्रौद्योगिकी की आवश्यकता नहीं है। ऐसे में अशोक लेलैंड विद्युत बस का विकास करेगा और बस की गतिशीलता को जारी रखने के लिए बस डिपो में चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए जिम्मेदार होगी।

इन स्टेशनों, पर मुख्य रूप से नवीकरणीय ऊर्जा से संचालित, कम लागत पर बिजली के वाहनों को पारंपरिक डीजल / पेट्रोल स्टेशनों की तुलना में तेजी से गति देने की योजना शामिल है। इस संदर्भ में अशोक लेलैंड के सीईओ और प्रबंध निदेशक, विनोद के दस्शी काफी खुश दिखाई पड़ रहे हैं।

अपनी योजना को लेकर बोलते हुए विनोद के दस्शी ने कहा कि हमने 'स्वैप और चार्ज' बैटरी तकनीक के साथ बिजली बसों का विकास करने के लिए एक रणनीतिक गठबंधन में प्रवेश किया है। हमें एक संयुक्त उद्यम में समझौते को मजबूत करने का फैसला करना है।

इस अवसर पर एसएन मोबिलिटी के वाइस चेयरमैन श्री चेतन मेनई ने कहा कि इस साझेदारी के साथ, सन मोबिलिटी को उम्मीद है कि अशोक लेलैंड की राज्य सरकार के साथ एक रणनीतिक गठबंधन अपने मुकाम तक पहुंचने में कामयाब रहेगी।

उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों और हमारी मालिकाना स्मार्ट बैटरी इस योजना के निर्णायक तत्व साबित होंगे। यह साझेदारी बिजली की गतिशीलता के लिए एक कुशल, प्रदूषण मुक्त और लागत प्रतिस्पर्धात्मक समाधान के माध्यम से राष्ट्र की जनता की मदद करेगी।

DriveSpark की राय
भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों में एक अभूतपूर्व विकास हुआ है, जबकि कुछ चार्जिंग स्टेशनों और बैटरी जैसे बुनियादी ढांचे पर कुछ उन्नति नहीं है। अशोक लेलैंड और सन मोबिलिटी के बीच इस गठबंधन से इन सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है।


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