जुलाई 2019 से जरूरी हो जाएगा ये कार सेफ्टी फीचर, देखें सूची...
भारत में जुलाई 201 9 से एयरबैग, सीट बेल्ट रिमाइंडर्स जरूरी हो जाएगा। यह बातें सड़क परविहन मंत्री नितिन गडकरी ने कही है। आइए इस खबर के बारे में विस्तार से जानते हैं।
भारतीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने हाल ही में 2016 की वार्षिक आंकड़ों की रिपोर्ट जारी की है, जिसमें पता चला है कि महाराष्ट्र में 60 फीसदी मौतें सड़क दुर्घटना और और दम घुटने के कारण तेजी से बढ़ रही हैं।

लिहाजा ओवरस्पीडिंग के मुद्दे के परिणामों के समाधान के लिए, भारत की केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने नई खरीदी जानों वाली कारों पर अनिवार्य सुरक्षा सुविधाओं को जोड़ने की समयसीमा को मंजूरी दी है। इस बात की जानकारी द टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट ने दी है।

रिपोर्ट के मुताबिक 1 जुलाई, 201 9 के बाद निर्मित सभी नई कारों को एयरबैग, सीट बेल्ट रिमाइंडर्स, 80kph से परे की गति के लिए सतर्क सिस्टम, रिवर्स पार्किंग सेंसर और आपातकाल के लिए सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम पर मैनुअल ओवरराइड अनिवार्य सुरक्षा सुविधाओं से लैस होना होगा।

1 जुलाई, 2019 से निर्मित कारें एक ऐसी प्रणाली से लैस होंगी जो 80 किमी की गति से ऑडियो अलर्ट जारी करती रहेगी और जब कार 100kph से उपर यानि 120 किमी तक पहुंच जाएगी अलर्ट देना और तेज हो जाएगा। बहुत बार पॉवर न पाने की वजह से सेंटर लॉकिंग सिस्टम के अंदर फंस जाता है वहां मैनुअल ओवरराइड सिस्टम वाहन से बाहर निकलने में आसानी सुनिश्चित करता है।

इसके अलावा, पार्किंग सेंसर ड्राइवर को मार्गदर्शन और चेतावनी देगा यदि रियर मॉनिटरिंग रेंज में कोई ऑब्जेक्ट हैं। इसके अतिरिक्त, मंत्रालय ने कहा कि प्रावधानों को लागू करने के लिए वाहनों के लिए साइड दुर्घटना परीक्षण के तेजी से कार्यान्वयन के लिए रास्ता बनाना होगा। मंत्रालय इस मसले पर लगातार कार्य कर रहा है।

DriveSpark की राय
भारत में कारों पर नई अनिवार्य सुरक्षा सुविधाओं को लागू करने के लिए समयरेखा की घोषणा वास्तव में यात्रियों द्वारा यात्रियों और अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए सुरक्षित कारों का निर्माण करने के लिए सरकार द्वारा एक महत्वपूर्ण कदम है। आशा है सरकार की यह कवायद रंग लाएगी।


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