मोदी सरकार ने लिया फैसला, 1 जनवरी से ट्रकों में एसी केबिन होगा जरूरी
भारत में 1 जनवरी से प्रत्येक ट्रक में एसी केबिन होना जरूरी हो गया है। यह आदेश मोदी सरकार के एक निर्णय के बाद दिया गया है। आइए इस खबर के बारे में विस्तार से जानते हैं।
भारत में 1 जनवरी से अब ट्रक ड्राइवरों को गर्मी में पसीना बहाते हुए ट्रक चलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी क्योंकि 1 जनवरी 2018 से नए ट्रकों में ड्राइवर के लिए एसी केबिन जरूरी कर दिया गया है। यह बातें मिनिस्ट्री ऑफ रोड एंड ट्रांसपोर्ट की ओर से आए एक नोटिस में कन्फर्म हुई हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक ट्रक मैन्युफैक्चरर्स के लिए यह सुविधा देने के लिए जरूरी कर दिया गया है। अब से 1 जनवरी से बनने वाले ट्रकों में एसी केबिन को फिट करें या जिन में एसी केबिन फिट नहीं हो सकते, उनमें केबिन वेंटिलेशन सिस्टम लगाएं।

इससे पहले इस प्रोविजन को मेंडेटरी करने के लिए मोटर व्हीकल एक्ट 1988 में अमेंडमेंट किया गया है। इस बाबत अगस्त 2017 में एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी कर संबंधित लोगों से सुझाव व आपत्तियां मांगी गई थी।

नियमों के मुताबिक जो मैन्युफैक्चरर्स केवल चैसिस बनाते हैं और ट्रक की बॉडी बाहर बॉडी बिल्डर्स से बनाई जाती है तो बॉडी बिल्डर्स को भी स्पेसिफिकेशन के मुताबिक एसी या वेंटिलेशन वाला केबिन बनाना होगा। ट्रक का रजिस्ट्रेशन तब ही होगा, जब ट्रक में एसी केबिन बना होगा।

दरअसल मोदी सरकार लॉजिस्टिक सप्लाई में बदलाव करना चाहती है। इस दौरान सरकार के सामने समस्या आई कि तपती गर्मी, बारिश और धूल में ट्रक ड्राइवरों को बड़ी परेशानी होती है, जिससे गुड्स सप्लाई में डिले होता है। इसके चलते ही सरकार ने ड्राइवर की परेशानी दूर करने के लिए ऐसे केबिन बनाने का निर्णय लिया, ताकि ड्राइवर सामान पहुंचा सके।
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DriveSpark की राय
सरकार ने यह नियम बनाकर उन ड्राइवरों को बड़ी राहत दी है जिनके लिए ट्रक ही रहना खाना सब है। गर्मियों के मौसम में ट्रैफिक में पैदा होने वाली गर्मी भी एक बड़ा मसला रहा है। इससे देश के सभी ट्रक ड्राइवर लाभान्वित होगें यानि उन्हें गर्मी नहीं लगेगी।


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