फॉक्सवैगन वेंटो के चुनिंदा कार मॉडल्स की बिक्री पर लगानी पड़ी रोक, जानिए क्यों
जर्मन कार निर्माता फॉक्सवैगन ने भारत में अपनी 3,877 मिड-साइज वेंटो सेडान कारों को वापस लेने का फैसला लिया है। इसकी वजह है एमिशन इशू यानी कार्बन उत्सर्जन का अधिक होना। फॉक्सवैगन ने वेंटो का 1.5 लीटर डीजल मॉडल रिकॉल किया है। सिर्फ इतना ही नहीं, फॉक्सवैगन ने अन्य वेंटो कारों की बिक्री पर भी अस्थाई रोक लगा दी है। आपको बता दें कि इससे पहले भी फॉक्सवैगन को डीजल कारों को लेकर मुंह के बल खानी पड़ी थी।

फॉक्सवेगन वेंटो में ये है एमिशन इशू
Vento की रिकॉल की गईं सभी 3877 ईकाइयां 1.5 लीटर डीजल इंजन और मैनुअल गियरबॉक्स के साथ आई थीं।

अब इनमें कार्बन मोनोऑक्साइड उत्सर्जन को कम करने के लिए रिकॉल किया गया है।

कंपनी ने इन्हें ऑटोमोटिव रिसर्च एसोशिएसन ऑफ इंडिया (एआरएआई) के टेस्ट के बाद रिकॉल किया है।

कंपनी ठीक करके देगी कमी
Volkswagen India के मुताबिक वापस मंगाई गईं इन सभी वेंटो कारों में उत्सर्जन संबंधी समस्याओं को कंपनी की ओर से दुरुस्त किया जाएगा। इसके बाद ही ये दोबारा बिक्री के लिए बाजार में आएंगी।

हालांकि, कंपनी ने कहा कि भारत में उपलब्ध कराई गई इन वेंटो कारों में इसकी पेरेंट कंपनी की वैश्विक स्तर पर कारों में पाई गई चीट डिवाइस जैसी समस्या नहीं हैं।

फॉक्सवैगन इंडिया को पिछले साल दिसंबर में भी अपने तीन ब्रांड फॉक्सवैगन, स्कोडा और आॅडी मॉडल की 3,23,700 गाड़ियों को बाजार से वापस लेना पड़ा था।

इसके बाद कंपनी ने ईए189 श्रेणी के इंजनों में बदलाव किया था। स्कोडा ऑटो ने भी मूल कंपनी फोक्सवैगन की तर्ज पर अस्थाई रूप से 1.5 डीजल मॉडलों की बिक्री पर रोक लगा दी है।

देखना यह होगा कि जर्मन कार निर्माता कंपनी फॉक्सवैगन आखिर इस संकट से कब तक उबर पाती है।



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