इलेक्ट्रिक कारों का प्रचलन बढ़ाने के लिए भारत सरकार आयोजित करेगी कंसर्टियम, फोर्ड नहीं लेगी हिस्सा

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लाइवमिंट का दावा है कि भारतीय सरकार के इलेक्ट्रिक कारों के प्लान के तहत होने वाले कंसर्टियम में फोर्ड इंडिया नहीं शामिल होगी। इसे भारत सरकार और सोसायटी आॅफ इंडियन आॅटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स यानी सियाम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।

इस कंसर्टियम को भारत में इलेक्ट्रिक कारों के सप्लायर्स की संख्या बढ़ाकर ऐसी कारों की गिनती में इजाफा करने उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। इस कंसर्टियम में 2020 तक भारत में 5 इलेक्ट्रिक व हाइब्रिड कारें लाने का लक्ष्य निर्धारित किया जाएगा।

सरकार और फोर्ड के इतर 4 आॅटोमोटिव कंपनियां मारूति सुजुकी, महिंद्रा, महिंद्रा इलेक्ट्रिक और टाटा मोटर्स कुल 24 हज़ार करोड़ का निवेश करने के मूड में है।

यह निवेश भारत में इलेक्ट्रिक कारों को प्रमोट करने और इनके बाज़ार को विस्तार देने के मकसद से होगा। कुल धनराशि का आधा हिस्सा भारत सरकार देगी।

भारत की सरकार की पर्यावरण बचाओ, प्रदूषण घटाओ ​नीति के तहत इस कंसर्टियम का आयोजन हो रहा है। इसमें 2020 तक 6 मिलियन इलेक्ट्रिक और हायब्रिड वाहन भारत में लॉन्च करने का लक्ष्य है।

यह नेशनल इलेक्ट्रिक मोबिलिटी मिशन प्लान 2020 और फास्टर अडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग आॅफ हायब्रिड इलेक्ट्रिक व्हीकल्स यानी फेम मिलकर करा रहे हैं।

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English summary
In a big setback for the Indian Government's plans for electric cars, LiveMint is claiming that Ford India may quit an electric car consortium brought together by the Government and the Society of Indian Automobile Manufacturers (SIAM).
Story first published: Tuesday, July 26, 2016, 17:05 [IST]
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