अप्रैल 2017 से केवल बीएस-4 वाहनों का होगा निर्माण
देश में प्रदूषण को ध्यान में रखते हुये सरकार नित नये प्रयोग करती रहती है ताकि किसी प्रकार पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त किया जा सके। ये सही भी है, क्योंकि जिस प्रकार सड़कों पर वाहनों की संख्या में इजाफा हो रहा है इसको ध्यान में रखते हुये यह जरूरी भी है।
इसी क्रम में इस बार, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने एक आदेश जारी किया है कि आगामी 1 अप्रैल 2017 से देश में केवल उन वाहनों का निर्माण किया जायेगा जो बीएस-4 स्टैंडर्ड की होंगी।

आपको बता दें कि, अब देश में केवल बीएस-4 स्टैंडर्ड वाहन ही सड़क पर दौड़ेंगी। कुछ राज्यों में आगामी 1 अक्टूबर 2015 से ही ये कानून लागू हो जायेगा और बाकी राज्यों में 1 अप्रैल 2016 से बीएस-4 स्टैंडर्ड वाहन फर्राटा भरेंगे।
गौरतलब हो कि, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, अहमदाबाद, बैंगलुरू, हैदराबाद, सिंकदराबाद, कानपुर, पूणे, सूरत, आगरा, लखनउ और सोल्हापुर जैसे शहरों में पहले से ही केवल बीएस-4 स्टैंडर्ड वाहनों को चलाने की अनुमती है। इसके बाद सरकार ने जो फैसला लिया है पुरे देश भर में केवल बीएस-4 स्टैंडर्ड वाहन की दौड़ेंगे।
क्या होता है बीएस-4 स्टैंडर्ड:
शायद आप सोच रहे होंगे कि आखिर, बीएस-4 स्टैंडर्ड होता क्या है ? आपको बता दें कि, भारत सरकार द्वारा बनाई गई एक संस्था Bharat stage emission standards, भारत स्टेज इमिशन स्टैंडर्ड जिसे संक्षिप्त में बीएस कहा जाता है। ये संस्था वाहनों को प्रदूषण पैदा करने के अनुसार रैंक देती है जो क्रमश: बीएस-2, बीएस-3, बीएस-4 और बीएस-5 होते हैं। जो वाहन सबसे कम प्रदुषण पैदा करता है उसका रैंक उतना ज्यादा होता है।


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