नये मोटर सुरक्षा कानून में कड़ी सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान
भारत सरकार ने मोटर वाहन अधिनियम में नये कानूनों और दण्ड राशि में संशोधन किया है। सरकार की मंशा सड़क सुरक्षा को और पुख्ता करने की है।
सरकार का मानना है कि इन नये नियमों के लागू होने के बाद आने वाले पांच वर्षों में दो लाख जानें बचायी जा सकेंगी। फिलहाल भारत में हर साल पांच लाख सड़क दुर्घटनायें होती हैं, जिनमें करीब 1.4 लाख अपनी जान गंवाते हैं।
नये बिल के मुताबिक अगर सड़क दुर्घटना में किसी बच्चे की मौत होती है तो सजा के तौर पर तीन लाख रुपये तक का जुर्माना और कम से कम सात वर्ष की कैद हो सकती है। इसके साथ ही अगर वाहन का डिजाइन मानकों के अनुरूप नहीं होता तो पांच लाख रुपये का जुर्माना भी किया जा सकता है।
खतरनाक तरीके से ड्राइविंग करने पर एक लाख रुपये का जुर्माना और छह महीने की कैद का भी प्रावधान है। और अगर वाहन असुरक्षित माहौल में चलाया जा रहा हो, तो इसमें जुर्माने की राशि को एक लाख रुपये तक किया जा सकता है या फिर जुर्माना और सजा दोनों भी दिये जा सकते हैं।

शराब पीकर गाड़ी चलाने पर 25 हजार रुपये का जुर्माना या अधिकतम तीन महीने की सजा अथवा दोनों हो सकते हैं। इसके साथ ही छह महीने तक लाइसेंस जब्त किये जाने का भी प्रावधान है।
अगर अपराध तीन वर्षों में दोहराया जाए, तो जुर्माने की राशि बढ़कर 50 हजार रुपये या एक वर्ष की सजा अथवा दोनों हो सकते हैं। इसके साथ ही एक वर्ष तक लाइसेंस भी जब्त किया जा सकता है। और तीसरी बार यही अपराध करने पर लाइसेंस कैंसिल कर दिया जाएगा और वाहन को जब्त कर लिया जाएगा।
अगर किसी स्कूल बस का ड्राइवर ड्यूटी पर शराब पिया हुआ मिलता है, तो उस पर 50 हजार रुपये का अर्थ दण्ड लगाया जा सकता है। इसके साथ ही उसे तीन वर्ष का कारागार हो सकता है। और इसके साथ ही अगर उसकी उम्र 18 से 24 वर्ष के बीच हो तो उसका लाइसेंस भी कैंसिल कर दिया जाएगा।
नये बिल के मुताबिक तीन बार से ज्यादा मामूली सिगनल तोड़ने पर भी 15 हजार रुपये का दण्ड हो सकता है।


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