रेनाल्ट और निसान की दोस्ती हुई और गहरी, बनायेंगे रिसर्च सेंटर
भारतीय बाजार में एक साथ मिलकर वाहनों को पेश करने वाले जापानी-फ्रैंच दोस्ती अब और भी गहरी हो गई है। जी हां, जापान की प्रमुख कार निर्माता कंपनी निसान और फ्रांसीसी कंपनी रेनाल्ट की जुगल जोड़ी से तो आप सभी अवगत होंगे ही। भारतीय बाजार के साथ ही अन्य मुल्कों में भी एक साथ कार्य कर रही इस कंपनी ने देश में अपनी गठबंधन को और भी मजबूती देने का निर्णय किया है।
अभी तक ये दोनों कंपनी भारतीय बाजार में केवल अपने व्हीकल प्लेटफार्म को ही साझा करती आई हैं, लेकिन अब दोनों कंपनियों ने एक साथ मिलकर एक मैन्यूफैक्चरिंग और रिसर्च एंड डेवलेप्मेंट सेंटर के निमार्ण करने का फैसला किया है। इस फैसले से न केवल दोनों कंपनियां नये और आधुनिक तकनीकी से सजे हुये वाहनों का निर्माण करेंगे बल्कि इससे इनको लगभग 4 बीलियन का फायदा भी होगा।
जैसा कि इसके पूर्व दोनों कंपनियां भारतीय बाजार में एक जैसे वाहनों का निर्माण कर रही थीं, अब दोनों ही एक दूसरे के कंपोनेंट का भी साझा करेंगे। इतना ही नहीं एक ही रिसर्च एंड डेवलेप्मेंट सेंटर होने के कारण एक ही तकनीकी का भी प्रयोग करेंगे।

सूत्रों की माने तो ये प्रक्रिया अप्रैल माह में शुरू हो सकती है और इस प्रोजेक्ट के लिये रेनाल्ट-निसान के सीईओ कार्लोस घोस एक प्रबंधक को नियुक्त करेंगे जो कि इसका पूरा मैनेजमेंट देखेगा। इसके लिये कंपनी ने चेन्नई में रिसर्च एंड डेवलेप्मेंट सेंटर के निर्माण की योजना बनाई है जो कि सन 2015 तक पूरी हो जायेगी।
आपको बता दें कि, निसान और रेनाल्ट ने सन 1999 में पहली बार एक साथ करार किया था। उसके बाद से लेकर अब तक दोनों ने मिलकर दुनिया भर में लगभग 50 संयत्रों को स्थापित किया है। इस संधी के बूते दोनों कंपनियों ने मुनाफा कमाया है जो कि बीते वर्ष 2012 में लगभग 2.69 यूरो के करीब थी।


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