नवंबर 2014 में घटेंगे पेट्रोल और डीजल के दाम
वर्ष 2014 के प्रारंभ में पेट्रोल और डीजल की कीमतें आज तक की कीमतों में सबसे अधिक थी। 18 अक्टूबर 2014 में डीजल की कीमतों को विनियमित किया गया। अंतरराष्ट्रीय ब्रेंट क्रूड ऑइल की कीमतें लगातार कम होती जा रही हैं।
जून 2014 से लगातार सातवीं बार पेट्रोल और डीजल के दामों में कमी आ रही है। तेल विपणन कंपनियों के शेयरों में बढ़त हुई है तथा उम्मीद के अनुसार पेट्रोल पंपों पर भी ईंधन के दामों में कमी आ रही है।
अक्टूबर 2014 में भारतीय बाज़ार में कीमत 5,146.16 रूपये प्रति बीबीएल थी हालाँकि नवंबर 2014 में इसकी कीमत गिरकर 4,969.30 रूपये प्रति बीबीएल हो गई थी। यह एक बहुत बड़ी गिरावट थी और इसका सीधा फायदा उपभोक्ताओं को इस सप्ताह मिलेगा।

झारखंड और जम्मू कश्मीर में चुनाव होने बाकी हैं। ईंधन की ये कीमतें सरकार द्वारा कम नहीं की गयी हैं। अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में तेल की कीमतों में गिरावट आने के कारण पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी आई है। इस कमी से भारतीयों को अवश्य फ़ायदा होगा।
तेल का उत्पादन करने वाली कंपनियां ऐसी उम्मीद कर रही हैं कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगभग एक रूपये से कम हो जाएंगी। यह कमी इस सप्ताह के अंत से ही प्रभाव में आ सकती है। जून 2014 के बाद से भारत में सातवीं बार ईंधन के दाम कम हो रहे हैं।
यह भारतीयों के लिए एक अच्छी खबर है हालाँकि हमें एक महत्वपूर्ण तथ्य जान लेना चाहिए। वर्तमान में तो तेल के दाम गिर रहे हैं परन्तु जैसे ही तेल का उत्पादन करने वाली कंपनियां तेल के दाम बढ़ाएंगी वैसे ही पेट्रोल और डीजल की कीमतें भी बढ़ जाएंगी। तेल की कीमतों में उतार चढ़ाव हमेशा ही हमें प्रभावित करेगा चाहे कीमतें बढ़ें या कम हो।


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