व्हीकल रिकॉल के लिए नया ड्राफ्ट
वाहन विनियमन और सड़क सुरक्षा प्राधिकरण भारत सरकार द्वारा न्यू रोड ट्रांसपोर्ट सेफ्टी ड्राफ्ट 2014 के अंतर्गत नया बिल पास किया है जिसमे यह प्रावधान है कि नव निर्मित कारों में सुरक्षा से संबंधित चाहे 100 ही शिकायतें आई हो लेकिन कार निर्माता कंपनी को इनका रिकॉल करना होगा।
व्हीकल रिकॉल से तात्पर्य है कि कार निर्माता कंपनी द्वारा ओरिजनल पार्ट्स लगाकर जो कार बेचीं गई है अगर उनमे किसी प्रकार की कोई खराबी पाई जाती है तो उसका चार्ज उपभोक्ता की बजाय कार निर्माता कंपनी को ही वहन करना होगा।
यदि किसी कारण से वाहन का रिकॉल नहीं किया जाता है तो कंपनी ग्राहक को उस खराबी की भरपाई का पूरा पैसा भी दे सकती है।

अब तक किसी भी मामले में ग्राहक को पैसा नहीं दिया गया है हालाँकि कार निर्माता कम्पनियों ने कार की खराबियों को सुधारने के लिए कारों को रिकॉल किया है।
अग्रणी कार निर्माताओं द्वारा कार मॉडल्स की रिकॉलिंग कोई नई बात नहीं है। मई माह में होंडा कंपनी ने ब्रेक सिस्टम की खराबी के कारण अपने मॉडल्स अमेज और ब्रियो की 31000 कारें वापस मंगवाई थी।
भारतीय प्रदुषण मानकों पर खरी नहीं उतरने के कारण जनरल मोटर्स ने भी अपनी एक लाख टवेरा कारों को रिकॉल किया था। इसके आलावा मारुती सुजुकी, टोयोटा, फोर्ड और टाटा मोटर्स ने भी अपने कारों को रिकॉल किया है।


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