बालिका शिक्षा को समर्थन देने के लिए महिन्द्रा ने चलाया अभियान
भारत में सबसे बड़ी संख्या में उपयोगी वाहनों को लांच करने वाली कम्पनी महिन्द्रा ने 27 अगस्त 2014 से एक नए अभियान को चलाया है। इस अभियान को 'प्राउड फादर फॉर डॉटर' नाम दिया गया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य भारत में छोटी बच्चियों की शिक्षा को बढ़ावा देना है और उन्हे शैक्षिक और सामाजिक समर्थन प्रदान करना है।
यह मुहिम प्रोजेक्ट 'नन्ही कली' को भी समर्थन करता है। इसे संयुक्त रूप से के.सी. महिन्द्रा एजुकेशन ट्रस्ट और नंदी फाउंडेशन के द्वारा प्रबंधित किया गया है। वर्तमान में ये 1,00,000 भारतीय बालिकाओं तक अपनी पहुंच बना चुके है। यह अभियान, भारत के नौ राज्यों में चलाया जा रहा है और विशेष रूप से इसका विस्तार ग्रामीण,आदिवासी और गरीब शहरी क्षेत्रों में किया गया है।
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इस अभियान में कई नामचीन हस्तियां भी शामिल है जिन्हे अतुल काबेस्कर के द्वारा आमंत्रित किया गया। सचिन और सारा तेंदुलकर, अनिल और सोनम कपूर, रिषी और रिदिमा कपूर, जावेद और जोया अख्तर और अल्ंकी पद्मश्री और उनकी पुत्रियां रायेल और शाझान भी इस अभियान का हिस्सा हैं।

भारत में लड़के और लड़कियों के बीच लिंगानुपात में भारी अंतर है। 1000 बालकों पर सिर्फ 914 बालिकाएं ही बची हैं। भारत में अभी भी कई परिवारों में बेटों का होना आवश्यक माना जाता है क्योंकि उनका मानना होता है कि बेटे के होने से उन्हे मोक्ष मिलेगा। लोगों की यही धारणा उन्हे अपराधी बना देती है। इस अभियान के जरिए बालिकाओं को शिक्षा देने के बारे में लोगों को जागरूक किया जाएगा, ताकि वह बड़ी होकर बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकें।
आनंद महिन्द्रा, महिन्द्रा ग्रुप के चेयरमैन इस बारे में कहते है कि, "मुझे दो बेटियों का पिता होने पर गर्व है, मेरा मानना है कि इस प्रकार के अभियान को चलाने से एक लहर उठेगी और लोगों को बेटियों के प्रति उनकी मानसिकता बदलने में मदद मिलेगी। इस समाज में जहां बेटों की बहुतायत बेटियों से ज्यादा है, ऐसे अभियानों और पहल की बेहद आवश्यकता है।"
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अतुल काबेस्कर, जो इस अभियान को अपने कैमरे की मदद से कवर कर रहे हैं, कहते हैं कि, "दो दशकों से शूटिंग करने के बाद मैने काफी गहराई से इस विषय पर सोचा और समाज हित में कुछ करने के लिए ठाना। लोगों को नहीं पता कि वह लिंगभेद करके खुद को एक टाइम बम पर बैठा चुके हैं और अब बच्चियों को न पढ़ाकर वह और भी नुकसान करने वाले हैं। इस अभियान के माध्यम से लोगों को बेटियों की शिक्षा के महत्व के बारे में पता चलेगा।"
वह आगे कहते है कि, "मेरा व्यक्तिगत रूप से मानना है कि किसी भी मुद्दे पर सोच को बदलना थोड़ा मुश्किल होता है, जब कि समाज की सोच भी न बदली जाएं। लेकिन हर कोई अपनी सोच बदले तो पूरे समाज की सोच बदल जाएगी और समाज में सकारात्मकता आएगी।"
'प्राउड फादर्स फॉर डॉटर्स' अभियान के बारे में और विस्तारपूर्वक जानने के लिए जानकारी नीचे दी गई है। अगर आप 'नन्ही कली' पहल के बारे में ज्यादा जानना चाहते हैं या इस अभियान में दान करना चाहते है तो यहां क्लिक करें।


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