फोर्ड और रेनाल्ट इंडिया को बनायेंगे इंजन हब
भारतीय बाजार में एक से बढ़कर एक शानदार कारों को पेश करने वाले दो प्रुमख विदेशी कंपनियां रेनाल्ट और फोर्ड अब देश को इंजन हब बनाने में जुट गई हैं। जी हां, अभी तक अमेरिकी कंपनी फोर्ड और फ्रांस की कंपनी रेनाल्ट की कारों का ही निमार्ण भारतीय जमीन पर होता आया है, लेकिन अब ये इंजनों का निमार्ण भी भारत में किया जायेगा।
इकोस्पोर्ट को भारतीय बाजार से सबसे ज्यादा निर्यात करने का बाजार बनाने के बाद फोर्ड अब भारत में अपने संयंत्र में छोटे इंजन का निर्माण करने की योजना बना रही है। कंपनी इन इंजनों का निर्यात करेगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार कंपनी छोटे इंजन का कोड नेम ड्रैगन है। फिलहाल कंपनी इस प्रोजेक्ट पर कार्य कर रही है और आगामी 2016-17 तक कंपनी इस इंजन का उत्पादन भी शुरू कर देगी।

सूत्रों की माने तो इस नये ड्रैगन इंजन की क्षमता 1.2 लीटर और 1.5 लीटर तक होगी। फोर्ड के संयंत्र में प्रतिवर्ष 1.5 मीलियन इंजनों के निर्माण की क्षमता है जो कि कंपनी बखूबी करेगी। आपको बता दें कि, फोर्ड का ये संयंत्र गुजरात के सानंद में है। भारत के अलावा फोर्ड अपने इस इंजन का निर्माण यूरोप, रूस, ब्राजिल और चीन में भी करेगी।
इस नये इंजन के अलावा कंपनी एक 986 सीसी के क्षमता के इंजन का भी निर्माण कर रही है। जिसका कोड नेम कंपनी ने बी4डी तय किया है। कंपनी अपने इस इंजन का निर्माण अपने ब्राजिल और यूरोप के संयंत्र में करेगी। आपको बता दें कि ये नया इंजन कंपनी के मौजूदा 0.8 लीटर इंजन का ही अपडेटेड वर्जन है।


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