दिल्ली पुलिस की ड्राइवर वेरिफिकेशन सिस्टम लाने की योजना
हायर किये जाने वाले ड्राइवर्स की पहचान के लिए दिल्ली पुलिस की ड्राइवर वेरिफिकेशन सिस्टम लाने की योजना है। यह सिस्टम उन लोगों के लिए है जो कि ड्राइवर हायर करते हैं और जानना चाहते हैं, कि क्या उनकी कार सुरक्षित हाथों में है?
ड्राइवर का लाइसेंस, उसे कितनी बार पुलिस का जुर्माना लगा है और उसके पास कितने ड्राइविंग लाइसेंस हैं आदि की जांच करके पुलिस ड्राइवर को एक एम्प्लॉय एबिलिटी सर्टिफिकेट प्रदान करेगी।

यातायात विभाग के विशेष आयुक्त मुक्तेश चंदर ने बताया कि इस सिस्टम पर अभी विचार किया जा रहा है यदि सब कुछ सही रहा तो अगले दो महीनों में यह लागू कर दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि हमारे पास ड्राइवर्स का रिकॉर्ड है जिसमे अंकित है कि किस ड्राइवर ने कितनी बार यातायात नियमों का उलंघन किया है। इस रिकॉर्ड का हम इस्तेमाल करेंगे।
जो लोग ड्राइवर रखते हैं और ड्राइवर की पहचान के बारे में जानना चाहते हैं तो उन्हें दिल्ली पुलिस की वेबसाइट से एक फॉर्म डाउनलोड करना होगा और जिस ड्राइवर की जानकारी चाहते हैं उसका लाइसेंस नंबर, अनुभव और अन्य जानकारी लिखकर देनी होंगी।
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इसके बाद पुलिस बैकग्राउंड में जांच करेगी और ड्राइवर की नियमों का उलंघन, लापरवाही से गाड़ी चलाना आदि जानकारियां प्रदान करेगी, साथ ही पुलिस अपना सुझाव भी देगी कि उस ड्राइवर को हायर करना चाहिए या नहीं।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हाउसहोल्ड हेल्प के सफलतापूर्वक डेटा कलेक्शन में इसी तरह के वेरिफिकेशन फॉर्म का इस्तेमाल किया गया था। इसकी सफलता से यह विचार आया है। दिल्ली पुलिस की ड्राइवर्स के लिए भी इसी प्रकार का वेरिफिकेशन सिस्टम अमल में लाने की योजना है जो कि कमर्शियल व्हीकल के लिए थर्ड पार्टी इंश्योरेंस तलाशते हैं।


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