भारत में डीजल की कीमतें नियंत्रण मुक्त

By Gauri Shankar Sharma

भारतीय सरकार ने डीजल की कीमतों को नियंत्रण मुक्त कर दिया है। अब सरकार डीजल की कीमतों को निर्धारित नहीं करेगी। इन कीमतों का निर्धारण अब से ऑयल रिटेलर कंपनियां ऑयल कॉर्पोरेशन, बीपीसीएल और एचपीसीएल करेंगी।

एक नजर डालते हैं कि क्या होने वाला है:

डीजल की कीमतों के नियंत्रण मुक्त होने का मतलब है कि ये कीमतें अब बाजार पर निर्भर करेंगी। यदि वैश्विक बाजार में क्रूड तेल की कीमतें बढ़ेगी तो डीजल की कीमतें बढ़ जाएंगी और यदि कम होती हैं तो डीजल की कीमतें भी कम हो जाएंगी।

डीजल की कीमतें 3.37 रूपये तक कम हो गई हैं क्योंकि वैश्विक बाजार में क्रूड तेल की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल तक कम हो गई हैं। 16 सितम्बर से ऑयल रिटेलर्स काफी मुनाफा कमा रहें हैं।

diesel price deregulated in india

डीजल की कीमतों में कमी से मुद्रास्फीति की दर में कमी होगी क्योंकि कृषि जगत और ट्रांसपोर्टेशन इंडस्ट्री के लिए डीजल सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला ईंधन है और इन दोनों से ही खाद्य पदार्थों की कीमतें प्रभावित होती हैं।

मुद्रास्फीति की दर में कमी से भारतीय रिज़र्व बैंक पर भी ब्याज दर कम करने का दबाव बढ़ेगा जिससे अर्थव्यवस्था में मांग बढ़ेगी।

इससे सरकार का सब्सिडी बिल भी कम आएगा। पिछले साल (2013-14) में भारतीय सरकार को डीजल एलपीजी और केरोसीन के लिए 85000 करोड़ देना पड़ा था। इस साल यह सब्सिडी 63000 करोड़ होने का अनुमान है।

सब्सिडी दर कम होने से सरकार को राजकोषीय घाटा कम करने के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद मिलती है जोकि सकल घरेलु उत्पाद का 4.1 प्रतिशत है और यह भारतीय अर्थव्यस्था के लिए बहुत बड़ा फायदा है।

कम राजकोषीय घाटा सरकार की उधारी को कम करेगा और खर्च बढ़ाएगा जिससे देश की आर्थिक प्रगति होगी।

हमारे देश में घरेलु ऑयल की जरुरत का 75 प्रतिशत तेल आयात किया जाता है। हमारे बिल का सर्वाधिक आंकड़ा ऑयल का ही रहता है। क्रूड तेल की कीमतों में कमी से आयात बिल में कमी होगी और रूपये पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

ऑयल कम्पनियों की सेल्स में डीजल की हिस्सेदारी 55 प्रतिशत है। आज तक इन कंपनियों को बाज़ार भाव से कम में तेल बेचने पर सरकार को सब्सिडी देनी पड़ती है।

डीजल के नियंत्रण मुक्त होने से रिलायंस इंडस्ट्रीज और एस्सार ऑयल जैसी कंपनियों को भी फायदा होगा। ये कंपनियां कम दामों पर डीजल बेचने पर सरकार से कोई मदद प्राप्त नहीं करती हैं और अपने खुद के सेल्स इंफ्रास्ट्रक्चर की बजाय स्टेट रिफायनरीज के जरिये तेल बेचती हैं।

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Article Published On: Saturday, October 25, 2014, 14:17 [IST]
English summary
The government of India has deregulated the price of diesel, which means oil retailers take charge of diesel prices which can help improve the economy in a big way.
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