रंगीन शीशे वाली कारों की संख्या अब भी बढ़ रही है
मोटर वाहन नियम के अंतर्गत यह स्पष्ट रूप से बताई गयी है कि गहरे रंग के शीशे लगाना कानून के अनुसार दंडनीय अपराध है, फिर भी बहुत से लोगों की गाड़ियों में गहरे रंग के शीशे लगे हुए हैं।
मोटर वाहन अधिनियम के तहत गहरे रंग के शीशे लगाने के पहले सरकार से अनुमति लेना आवश्यक है। इसके बावजूद भी कई गाड़ियों में अनुमोदित से अधिक गहरे रंग के शीशे लगाये गए हैं।
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मेरठ में पुलिस चेकिंग कर रही है तथा अपराधियों को ढूँढने की कोशिश कर रही है। ट्रैफिक एस.पी. पी.के. तिवारी ने कहा कि अभी भी कुछ लोग बच कर निकल गए हैं तथा उन्हें पुलिस द्वारा की जाने वाली कार्यवाही की भी चिंता नहीं है।

एक प्रभावशाली व्यक्ति ने बताया कि उसकी गाड़ी में पिछले 6 वर्षों से काले रंग के शीशे लगे हुए हैं और उसे कई बार पुलिस द्वारा रोका गया। क्योंकि गाड़ी पर राजनीतिक दल का निशान लगा हुआ है अत: कई लोग इसे सलाम करते हैं और गाड़ी को जाने देते हैं।
उसने बताया कि कई बार उसने पुलिसवालों को पैसे दिए और उन्होंने बिना चालान काटे ही उसे जाने दिया।
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वर्ष 2013 में उत्तर प्रदेश राज्य अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो ने मेरठ शहर में 357 अपहरण के मामले दर्ज किये। ऐसे अपराध सामान्यत: काले शीशे वाली कारों में किये जाते हैं।
तिवारी ने बताया कि ऐसे लोग जिन्हें ऐसे शीशों के साथ पकड़ा जाएगा उनके चालान काटे जायेंगे तथा उनके दस्तावेज़ भी ज़ब्त कर लिए जायेंगे। उसके बाद ये दस्तावेज़ जज के सामने प्रस्तुत किये जायेंगे जहाँ जज यह निश्चित करेगा कि दंड की रकम कितनी होगी। पकड़े जाने पर उसी समय इन वाहनों से काले शीशे निकाल दिए जायेंगे।


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