एआरएआई ने आरटीओ में परीक्षण किया

By Radhika Thakur

ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसियेशन ऑफ इंडिया की एक टीम ने सुविधाओं तथा ब्रेक परीक्षण सुविधा की जांच करने के लिए शुक्रवार को नागपुर आरटीओ का दौरा किया।

वाहन उद्योग द्वारा भारी उद्योग और सार्वजानिक उद्यम मंत्रालय के साथ मिलकर दो सदस्यीय टीम बनाई गई। इस टीम ने दो घंटे से अधिक समय तक दाभा केंद्र पर ब्रेकिंग से संबंधित परीक्षण किये।

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ब्रेक परीक्षण वाहनों पर किया गया तथा वाहनों की फिटनेस और सड़क पर उनकी क्षमता का परीक्षण किया गया। मानकों के अनुसार ऐसा वाहन जो 30 किमी/घंटा की गति से जा रहा हो उसे ब्रेक लगाने के बाद 13 मीटर की दूरी पर रुकना चाहिए।

सुविधाओं की कमी की शिकायत मिलने के कारण बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा एआरएआई की एक टीम आरटीओ भेजी गई। भारी वाहनों को फिटनेस प्रमाणपत्र जारी करते समय की जाने वाली प्रक्रियाओं की जांच करने के लिए उन्हें भेजा गया था।

मुंबई हाईकोर्ट (उच्च न्यायालय) ने मुंबई में ताडदेव, पुणे, नाशिक और लातूर में स्थित आरटीओ को गाड़ियों को फिटनेस प्रमाणपत्र देने से मना किया है।

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इन आरटीओ में सुविधाओं की कमी कोर्ट के लिए चिंता का विषय था और कोर्ट इस बात से बहुत चिंतित था कि हाईवे पर होने वाली अनेक दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण भारी वाहनों के ब्रेक फेल होना है।

एआरएआई के अधिकारियों ने अपना परीक्षण पूरा कर लिया है तथा वे अगले महीने दाभा और वर्धमान नगर के आरटीओ की रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।

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Article Published On: Tuesday, August 26, 2014, 11:52 [IST]
English summary
A team of two members from the Automotive Research Association of India (ARAI), were sent by the High Court of Mumbai to carry out inspections in the RTO.
Read in English: ARAI Officials Inspect RTO
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