100 वर्ष के वृद्ध ने साबित किया कि उम्र केवल एक नंबर मात्र है
संभवत: विश्व के सबसे वृद्ध ड्राइवर चार्ल्स माइकल डिसूज़ा आज अपना 100वां जन्मदिवस मना रहे हैं और आज भी वे एक स्वस्थ व्यक्ति हैं।
1914 में चार्ल्सन और मेरी के इस पुत्र का जन्म तमिलनाडु के ऊटी में हुआ था। चार्ल्स के पास आज भी उनका जन्मप्रमाण पत्र है जो उन्हें ऊटी के सेंट मेरीज़ चर्च से मिला था। अपने 12 भाई बहनों में केवल वे ही जीवित हैं तथा दो साल पहले उनकी पत्नी एलिज़ा डिसूज़ा का निधन हुआ।
चार्ल्स मैंगलोर में बैंक के दो कर्मचारियों के लिए ड्राइवर का काम करते हैं। वे 1932 में 18 वर्ष की उम्र में ब्रिटिश सेना में शामिल हुए तथा उन्होंने देश के विभिन्न भागों जैसे आंध्र प्रदेश, आसाम और कश्मीर में अपनी सेवा प्रदान की।
बाद में 1942 में उन्होंने सेना की नौकरी छोड़ दी तथा ड्राइविंग के व्यवसाय को अपना लिया। 1952 में मद्रास राज्य सरकार ने चार्ल्स को डीजल कॉन्क्रीट मिक्सर मशीन के ड्राइवर के रूप में मैंगलोर भेज दिया।
बाद में उन्होंने 1956 से 1982 तक लोक निर्माण विभाग में काम किया तथा इसके बाद मैंगलोर कर्नाटक का एक हिस्सा बन गया। तब से वे एक निजी ड्राइवर के रूप में काम कर रहे हैं।
चार्ल्स के पास एक वैध ड्राइवर लाइसेंस है जो 2019 तक मान्य है तथा उसके साथ जन्म प्रमाणपत्र की प्रति, स्कूल के प्रमाणपत्र, सेना के रिकॉर्ड, पहचान प्रमाणपत्र, वरिष्ठ नागरिक कार्ड, आयु प्रमाणपत्र, विभिन्न ड्राइविंग लाइसेंस, सरकारी रिकॉर्ड्स और अन्य कई दस्तावेज़ भी हैं।
न्यूज़ीलैंड के एडवर्ड्स जो अब 106 वर्ष के हैं अभी भी अपनी कार चलाते हैं तथा यूएस फ़्रेड हेल सीनियर जिनका निधन 108 वर्ष की उम्र में 1998 में हुआ, ये दोनों भी इस बात का उदाहरण है कि बुढ़ापे में भी लोग ड्राइविंग कर सकते हैं। परन्तु चार्ल्स को जो बात अलग करती है वह यह है कि उन्होंने आज भी ड्राइविंग को व्यवसाय की तरह अपनाया हुआ है।


Click it and Unblock the Notifications









