Women Safety: महिलाओं के लिए पिंक ऑटो रिक्शा
पूरे देश में महिलाओं के प्रति होने वाले अपराध थमने का नाम नहीं ले रहें हैं। आज के समय में महिलायें खुद को सड़क पर बेहद ही असुरक्षित महसूस कर रहीं हैं। सड़क पर दिन-दाहाड़े होने वाले महिलाओं के साथ अपराधों ने समूचे देश को हिला कर रख दिया है। हाल ही में दिल्ली में चलती बस में एक लड़की के साथ दरिंदो ने सड़क पर वहशीयत का नंगा नाच किया था। कुछ दिन ही बीते थें कि देश की राजधानी में एक पांच साल की मासूम के साथ दुराचार ने देश को एक बार फिर से झकझोर कर रख दिया।
आज के समय में देश में महिलाओं को आगे बढ़ने की बड़ी-बड़ी ढिंगे खुब हांकी जा रही हैं, लेकिन उनके सुरक्षा के लिए कुछ भी इंतजमात नहीं किये गये हैं। इस समय महिलाओं को जो कि काम-काजी हैं उन्हें सबसे ज्यादा मुश्किल यात्रा के दौरान होता है। चाहे वो ऑफिस जा रहीं हो, या फिर अपने किसी अन्य जरूर काम से उन्हें हर पल इस बात का डर लगा रहता है कि उनके साथ कुछ अनहोनी न हो जाये। ये महिलाओं की मानसिकता नहीं हैं बल्कि समाज ने उन्हें ऐसा सोचने पर मजबूर कर दिया है।

आये दिन महिलाओं के साथ होने वाले इन्हीं अपराधों को ध्यान में रखकर झारखंड में एक बेहतर पहल ही गई है। जिसके दौरान महिलाओं को यात्रा के दौरान थोड़ी सकून महसूस होगा। झारखंड ट्रैफिक पुलिस ने महिलाओं के सुगम यात्रा के लिए पिंक लाईन ऑटो रिक्शा को चलाने की पहल की है। इस योजना के अनुसार शहर में कुल 200 पिंक लाईन ऑटो रिक्शा चलाये जायेंगे जिसमें केवल महिलायें यात्रा कर सकेंगी।
हालांकि अभी इन रिक्शों को सड़क पर उतरने के लिए स्थानीय ट्रांस्पोर्टेशन डिपार्टमेंट से स्वीकृति मिलना बाकी है। लेकिन उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही रिक्शों के चलाने की स्वीकृति मिल जायेगी। ट्रैफिक डिपार्टमेंट ने महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए महिला ऑटो रिक्शा चालकों की व्यवस्था में लगी हुई है। ताकि महिलायें खुद को और भी ज्यादा सुरक्षित महसूस करें।
फिलहाल डिपार्टमेंट महिला चालकों की तलाश में जुटी है। ऐसा भी माना जा रहा है कि यदि महिला चालकों का बंदोबस्त नहीं किया जा पायेगा तो पुरूष चालक ही इन ऑटो रिक्शा को चलायेंगे। लेकिन डिपार्टमेंट इन ऑटो रिक्शा चालको की पूरी जांच पड़ताल कर ही उन्हें रिक्शा चलाने की अनुमति देगा। इसके अलावा उक्त चालक के संबधित सभी जानकारी विभाग के पास रहेगी, मसलन उनका नाम, निवास स्थान, उनका व्यवहार आदि।
इसके बदले विभाग उन्हें एक आईडी कार्ड, पहचान पत्र देगा जिसके आधार पर वो ऑटो रिक्शा चला सकेंगे। विभाग ने इन ऑटो रिक्शा में एक आधुनिक जीपीएस सिस्टम का प्रयोग किया है ताकि सड़क पर आसानी से इन ऑटो रिक्शा को जीपीएस सिस्टम के माध्यम से ट्रैक किया जा सके। साथ ही ऑटो रिक्शा में एक आपातकालिन एलार्म भी लगे रहेंगे जिनका प्रयोग महिलायें किसी भी आपात स्थित में बटन दबाकर कर सकती हैं।
ऐसी स्थिती में जीपीएस सिस्टम के माध्यम से एक संदेश हेडक्वार्ट को स्थानांतरित हो जायेगा और विभाग तत्काल उक्त ऑटो रिक्शा को ट्रैक कर उसे कब्जे में ले लेगा। विभाग महिलाओं की सुरक्षा को पुख्ता करने की पूरजोर कोशिश कर रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इन ऑटो रिक्शा के पार्किंग के लिए एक अलग स्थान भी चुना जायेगा। जहां पर यह सभी पिंक ऑटो रिक्शा एक साथ खड़े किये जा सकेंगे जहां महिलायें आसानी से इन रिक्शों का प्रयोग करने में सक्षम होंगी।
झारखंड ट्रैफिक डिपार्टमेंट द्वारा महिलाओं के लिए उठाया गया यह कदम निश्चय ही सराहनीय है। इन ऑटो रिक्शा के सड़क पर आ जाने से महिलाओं को रोजाना की बहुत सी मुश्किलों से मुक्ति मिल जायेगी। मसलन ऐसा कई बार देखा जाता है कि ऑटो स्टैंड आदि पर कुछ ऐसे मनचले जरूर रहते हैं, यहा तक की कभी-कभी ऑटो चालक भी महिलाओं पर छिंटाकशी, छेडखानी और फब्तियां कसते रहतें हैं। तो ऐसी परेशानियों से महिलाओं को निश्चय ही निजात मिलेगा।
हम आशा करते हैं कि स्थानीय ट्रांस्पोर्टेशन विभाग तत्काल इन ऑटो रिक्शाओं को चलाने की स्वीकृति दे। फिलहाल यह पहल केवल झारखंड में की गई है लेकिन ऐसा अगर पूरे देश में किया जाये तो और भी बेहतर होगा। आपको हमारा यह लेख कैसा लगा, अपने विचार नीचे दिये कमेंट बॉक्स में अवश्य दें और साथ इस लेख को फेसबुक, ट्वीटर और गुगल प्लस पर शेयर करना ना भूलें।


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