कल से लगेगा मारूति पर हड़ताल का ग्रहण

आपको बता दें कि बीते दो वर्षो से मारूति सुजुकी अपने मनेसर स्थित संयंत्र में कर्मचारियों की बेरूखी और हड़ताल का लगातार सामना कर रही है। बीते वर्ष सन 2011 में कंपनी के मनेसर संयंत्र में कर्मचारियों और यूनीयन के बीच शुरू हुए विवाद के चलते कंपनी अगस्त 2011 में लगभग 15 दिन, अक्टूबर माह में लगभग 1 महिने तक लगातार हड़ताल झेल चुकी है।
इसके अलावा वर्ष 2012 के जुलाई माह में मनेसर संयंत्र में कर्मचारियों ने लगभग 2 माह तक हड़ताल किया। इस हड़ताल के दौरान कर्मचारियों और मारूति प्रबंधन के बीच विवाद इतना बढ़ गया था कि उस समय उग्र कर्मचारियों ने संयंत्र के एक सेक्सन को आग के हवाले कर दिया था, जिसमें जनरल मैनेजर एचआर अवनीश कुमार देव की झुलसने से मौत हो गर्इ। इतना ही नहीं इस आगजनी में लगभग 40 से ज्यादा लोग झुलस भी गयें थें।
बीते 18 जुलाई सन 2012 को मनेसर संयंत्र पर प्रबंधन के ही एक कर्मचारी द्वारा एक वर्कर पर जातिगत टिप्पड़ी किये जाने के कारण इस विवाद की शुरूआत हुई। जो आगे चलकर एक बड़े विवाद का रुप ले ली। इसके बाद उस वर्कर के साथी कर्मचारियों ने संयंत्र में काम-काज बंद कर दिया। कर्मचारियों द्वारा कार्य बंद किये जाने पर प्रबंधन ने एतराज जताया जिसके बाद मामला हाथापाई में बदल गया। इसी दौरान कुछ कर्मचारियों ने एक सेक्सन में आग लगा दी।
एक बार फिर से मारूति सुजुकी के संयंत्र में हड़ताल होने की आशंका प्रबल हो गई है। हालांकि इस बार इसके पीछे कारण कोई विवाद नहीं बल्कि केंद्रीय यूनियनों का समर्थन है। मारुति उध्योग कामगार यूनियन (एमयूकेयू) के महासचिव कुलदीप झंगु ने बताया कि, ‘‘हमारी विभिन्न यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई थी और हमने केंद्रीय यूनियनों के समर्थन में एक दिन की हड़ताल पर जाने पर सहमति जताई है। मारुति के गुड़गांव तथा मानेसर संयंत्रों में कल कोई उत्पादन कार्य नहीं होगा।''


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