इस बड़ी कार कंपनी के सीईओ के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट
दुनिया भर में एक से बढ़कर एक शानदार कारों को पेश करने वाली जर्मनी की प्रमुख कार निर्माता कंपनी पोर्शे के उपर एक बार फिर से काले बादल मंडराते नजर आ रहें हैं। जी हां, पोर्शे एजी के ग्लोबल सीईओ और चेयरमैन मैथीयस म्यूलर के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी किया गया है। यह वारंट जयपुर न्यायालय ने जारी किया है। आपको बता दें कि हाल ही में पोर्शे ने भारतीय बाजार में अपनी शानदार स्पोर्ट कार पेनेमेरा का डीजल संस्करण पेश किया है।
इतना ही नहीं माननीय न्यायालय ने न केवल सीईओ के खिलाफ वारंट जारी किया है बल्कि कंपनी के अन्य 8 बोर्ड मेंबर के खिलाफ भी गिरफ्तारी के आदेश दिये हैं। प्राप्त जानकारी के पोर्शे एजी के भारत में आधिकारिक पार्टनर प्रेशिसन कार्स इंडिया ने पोर्शे एजी के खिलाफ देश के 6 अलग-अलग हिस्सों में कंपनी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। इसके लिए यह मामला जयपुर न्यायालय में भी लाया गया था।
आपको बता दें कि प्रेशिसन कार्स इंडिया पिछले 8 वर्षो से जर्मन कार निर्माता कंपनी पोर्शे की भारतीय बाजार में आधिकारिक पार्टनर है और देश के बाजार में कंपनी की कारों की बिक्री करती है। लेकिन हाल ही में जर्मनी की एक और वाहन निर्माता कंपनी फौक्सवेगन एजी ने पोर्शे का अधिग्रहण कर लिया था। इस दौरान फौक्सवेगन भारतीय बाजार में पूर्व से ही कारों की बिक्री कर रही थी।
जिसके बाद कंपनी ने देश में कारों की बिक्री की जिम्मेदारी फौक्सवेगन इंडिया को दे दी। प्रेशिसन कार्स इंडिया की शिकायत है कि हम पिछले 8 वर्षो से पोर्शे की कारों की बिक्री भारतीय बाजार में कर रहें हैं। अचानक ही कंपनी ने देश में कारों की बिक्री के सारे अधिकार फौक्सवेगन इंडिया को दे दिया। इतना ही नहीं उक्त कंपनी का यह भी कहना है कि हमने इस मुद्दे पर कंपनी द्वारा मामला सुलझाने की कई अन्य कोशिश भी की थी। लेकिन कंपनी ने इस बारें में कोई भी सहयोग नहीं किया।
गौरतलब हो कि फिलहाल यह मामला देश के न्यायालय के अलांवा जर्मनी और यूनाईटेड अरब अमिरात के भी अन्तर्राष्ट्रीय न्यायालय में लंबित है। इस मामले में वहां पर भी इंटरपोल अपना काम कर रही है, और जरूरी सूचनायें एकत्र कर रही है। फिलहाल जयपुर न्यायालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पोर्शे के सीईओ और चेयरमैन मैथीयस म्यूलर के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी कर दिया है। दुनिया की इतनी बड़ी कार निर्माता कंपनी के सबसे बड़े अधिकारी के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट कंपनी की साख को भी प्रभावित कर सकता है। इस मामले में ताजा अपडेट जानने के लिए बस बने रहिये हमारे साथ।


Click it and Unblock the Notifications








