सब फोर मीटर सेग्मेंट पर भारतीयों की नजरें
'सब फोर मीटर सेग्मेंट' भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में तेजी से प्रचलित होने वाला शब्द बन गया है। इसका मुख्य कारण इस सेग्मेंट के प्रति भारतीय ग्राहकों का रूझान है। जी हां, इस समय भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में सब फोर मीटर सेग्मेंट का जबरजस्त बोलबाला देखने को मिल रहा है। ग्राहकों के इसी सेग्मेंट के प्रति बढ़ते रुझान को देखकर वाहन निर्माता भी इसी सेग्मेंट में अपने हाथ आजमाने में लगे हुए हैं।
क्या है सब फोर मीटर सेग्मेंट ?
यदि आप इस शब्द से वाकिफ नहीं हैं, या फिर इसके बारें में पूरी जानकारी आपके पास नहीं है तो हम आपको बतातें हैं इसके बारें में। सब फोर मीटर सेग्मेंट वो मानक है जिसके तहत इस समय देश में कई वाहनों का निर्माण किया जा रहा है। गौरतलब हो कि ऐसे वाहन जिनकी लंबाई 4 मीटर से ज्यादा होते हैं उनकी कीमत भी ज्यादा होती है। इसका मुख्य कारण है देश के सरकार द्वारा बनाई गई नीति।

जी हां, भारतीय बाजार में ऐसे वाहन जिनकी लंबाई 4 मीटर से ज्यादा होती है उन पर सरकार उत्पाद शुल्क ज्यादा लेती है। ऐसे वाहनों को हैवी व्हीकल्स के श्रेणी में रखा जाता है। जिसके कारण इन कारों की कीमत ज्यादा हो जाती है जिसका सीधा असर ग्राहकों की जेब पर पड़ता है। यही कारण है कि वाहन निर्माताओं ने ऐसे वाहनों का निर्माण करना शुरू कर दिया है जिनका आकार 4 मीटर से कम हो और वो कम कीमत में ग्राहकों तक पहुंचे।
वाहन निर्माताओं के बीच सब फोर मीटर सेग्मेंट:
कुछ वाहन निर्माताओं ने उंची कीमत की मार से बचने के लिए अपने संचालित वाहनों का उत्पादन रोकर उनकी लंबाई कम करके दोबारा उन्हें बाजार में पेश किया है ताकि वाहनों की कीमत कम की जा सके। हाल ही में देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने अपने मिड लेवल सिडान कार स्विफ्ट डिजायर नये संस्करण को पेश किया था। जिसमें कंपनी ने उस कार की लंबाई कम की थी ताकि उसकी कीमत कम की जा सके।
जिसके बाद से ही स्विफ्ट डिजायर की मांग ग्राहकों के बीच बढ़ गई। वहीं देश में सबसे ज्यादा लोकप्रिय एसयूवी सेग्मेंट में भी वाहन निर्माता लगातार प्रयोग कर रहें हैं। महिन्द्रा एंड महिन्द्रा ने अपनी लोकप्रिय एमपीवी जायलो के मिनी रूप यानी की क्वांटो को सब फोर मीटर में पेश किया। इसके अलावा अमेरिकी वाहन निर्मामा कंपनी फोर्ड भारतीय बाजार में सब फोर मीटर सेग्मेंट के तहत अपनी बेहतरीन कॉम्पैक्ट एसयूवी इकोस्पोर्ट को पेश करने जा रही है।
क्यों लोकप्रिय हो रहा है सब फोर मीटर सेग्मेंट ?
सब फोर मीटर के लोकप्रिय होने का सबसे मुख्य कारण इसका बजट में होना है। ऐसा कोई भी वाहन जिसकी लंबाई यदि 4 मीटर से 1 एमएम भी ज्यादा होती है तो उसकी कीमत 2-4 हजार नहीं बल्कि 25 से 50 रुपये तक बढ़ जायेगी। लेकिन एस 1 एमएम का ग्राहक को कितना लाभ होगा इसका अंदाजा आप खुद लगा सकते हैं। इसके अलावा इस सेग्मेंट में वाहनों का आकार छोटा होने के कारण वाहनों का माइलेज भी काफी बेहतर होता है।
सब फोर मीटर सेग्मेंट के वाहनों में 1.2 लीटर की क्षमता से लेकर 1.4 लीटर की क्षमता तक इंजन आसानी से प्रयोग किया जा सकता है। यह इंजन इस आकार के वाहनों के लिए काफी आदर्श साबित हो रहें हैं। फोर्ड तो अपनी कॉम्पैक्ट एसयूवी इकोस्पोर्ट में 1 लीटर की क्षमता का इकोबूस्ट इंजन इस्तेमाल कर रही है। हल्का इंजन होने के कारण बेहतर माइलेज और आसान रख-रखाव दोनो का मजा ग्राहकों को मिलता है।
फिलहाल भारतीय बाजार में इस सेग्मेंट में ज्यादातर एसयूवी वाहनों का ही निर्माण किया जा रहा है। क्योंकि यूटीलिटी व्हीकल्स की मांग देश में काफी तेजी से बढ़ रही है। साथ की यूटीलिटी वाहनों का निर्माण 4 मीटर के भीतर करना बेहद ही आसान है। इस आकार में बेहतरीन लेग रूम, हेड रूम और जरूरी आधुनिक फीचर्स सबका सामवेश किया जा सकता है। इसे देखकर यही अंदाजा लगाया जा रहा है कि, आने वाले समय में सब फोर मीटर ही भारतीय बाजार सबसे लोकप्रिय सेग्मेंट होगा।


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