चलती होंडा सीविक बनी आग का गोला, कार मालिक की मौत
उसने सोचा भी ना था कि उसकी लग्जरी कार ही उसकी कब्र बन जायेगी। दिल्ली के इंदिरा गांधी एअरपोर्ट के अंडरपास में वो जिंदा जल जायेगा, और उसकी मदद के लिए बढ़े हाथ भी उसे बचाने में नाकाम साबित होंगे। जी हां, वो सख्श काफी देर तक मौत से जुझता रहा और खुद को बचाने की जी तोड़ कोशिश की लेकिन कार के मोटी कांच ने उसकी आवाज जब्त कर दी और कार के बंद दरवाजों ने उसे मौत के मुंह में धकेल दिये।
ये पूरा मामला दिल्ली का है। जी हां, दिल्ली के रहने वाले 32 वर्षीय राजेश कुमार मिश्रा दिल्ली के इंदिरा गांधी एअरपोर्ट के अंडरपास से अपनी होंडा सीविक कार से गुजर रहें थें। अभी वो लगभग 200 मीटर ही भीतर गयें थें कि अचानक कार के इंजन में आग पकड़ ली, और देखते ही कार धू-धू कर जलने लगी। राजेश ने जब इंजन में आग को देखा तो वो कार को रोककर बाहर निकलने के लिए दरवाजे की तरफ अपना हाथ बढाया।

लेकिन कार में सेंट्रल लॉक सिस्टम एक्टिव होने के कारण दरवाजे जाम हो गयें थें और कार के सभी दरवाजे ऑटोमेटिक बंद हो गये थें। इसके बाद राजेश ने कार में शोर मचाना शुरू किया और के विंडो पर अपने हाथ मारता रहा लेकिन कार की खिड़की भी नहीं खुली। यह पूरा वाक्या अंडरपास के भीतर हो रहा था। उसी दौरान अंडरपास में मौजूद गार्ड मौके पर आ गया और उसने टॅनल में लगे हुए अग्निशमन उपकरण से आग बुझाने की कोशिश की लेकिन वो काम नहीं कर रहा था।
गार्ड दौड़कर दूसरे, तीसरे और कुल आठ अग्निशमन उपकरणों को आग बुझाने के लिए लाया लेकिन उनमे से कोई भी उस वक्त काम नहीं कर रहें थें। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार राजेश कार के भीतर मौत से लड़ रहा था और लोग उसे बाहर निकालने की कोशिश में लगे थें। कुछ देर बाद कार पूरी तरह से आग के गोले में तब्दिल हो गई और कार के भीतर से राजेश द्वारा जान बचाने की कोशिशें भी धीमें-धीमें थम गईं।
राजेश कार के सेंट्रल लॉक सिस्टम से मजबूर होकर अपनी जिंदगी की जंग हार चुका था, और उसकी दर्दनाक मौत हो गई। इंडियन एक्सप्रेस में छपे लेख के अनुसार राजेश लगभग 100 प्रतिशत तक जल चुका था। राजेश की मौत की असल वजह तो आग में झुलसना ही है। लेकिन इस दौरान मौत से जुझते राजेश को क्या बचाया नहीं जा सकता था। इसका ठीक-ठीक जवाब शायद किसी के पास भी नहीं है।
जापानी कार निर्माता कंपनी होंडा की मशहूर और लग्जरी सिडान कार सीविक देखते-देखते आग का गोला बन गई। कार के इंजन में आखिर अचानक आग कैसे लगी, वहीं कार में सेंट्रल लॉक सिस्टम ने कार के दरवाजों को जाम कर दिया जिससे राजेश बाहर नहीं निकल पाया। गार्ड ने टॅनल के भीतर लगे लगभग 8 अग्निशमन उपकरणों से आग बुझाने की कोशिश की लेकिन उनमें से कोई भी काम नहीं कर रहा था।
कार के इंजन में लगी आग एक अचानक की दुर्घटना थी, लेकिन सैकड़ों की भीड़ के बीच राजेश निर्दंद जलता रहा और उसे बचाने के लिए बढ़े हुए हाथ भी सरकार द्वारा लगाये बेकाम अग्निशमन उपकरणों के वजह से छोटे पड़ गयें। हालांकि अभी इस बात की कोई पुष्टी नहीं की जा सकी है कि कार के इंजन में आग कैसे लगी। लेकिन ऐसी कई वारदातें हुई हैं जब कार के सेंट्रल लॉक सिस्टम के वजह से लोगों को अपनी जान गवानी पड़ी है।


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