अब कारें करेंगी बात, थमेंगे हादसे

आपने कभी कारों को बात करते हुए सुना है नहीं ना लेकिन आज के इस आधुनिक युग में एक ऐसी तकनीकी पर काम किया जा रहा है जिस के तहत कारें भी सड़क पर आपस में बात कर सकेंगी। जी हां आपको यह सुनकर थोड़ा अजीब जरुर लग रहा होगा लेकिन यह सच है। अमेरिका के मिशिगन में वैज्ञानिक गाड़ियों में कुछ एक विशेष प्रकार के किट का परीक्षण कर रहें हैं। इस किट के प्रयोग से सड़क पर कारें आपस में सांकेतिक भाषा में बात कर सकेंगी।

आइये हम आपको बतातें हैं कि पुरा माजरा क्‍या है? अमेरिका के ट्रांसपोर्ट ने इस डिवाइस का परिक्षण किया है और यह संस्‍था अभी भी इस प्रोजेक्‍ट पर काम कर रही है। इस तकनीकी के प्रयोग के दौरान सड़क पर जिन कारों में इसका प्रयोग किया जायेगा उन कारों के भीतर लगे डिवाइस सड़क पर आस-पास की स्थिती के बारें में पूरी जानकार वाहन चालक को दे देंगे। मसलन सड़क पर अन्‍य कारों के बीच की दूरी कितनी है आदि।

यदि अमेरिका के ट्रांस्‍पोर्ट विभाग की माने तो साल 2011 में 32,000 से ज्यादा लोग अमरीका की सड़कों पर हादसों में मारे गए है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार कुल हादसों में से 80 फीसदी मामले ऐसे थे जिनमें चालक मादक पदार्थों के प्रभाव में नहीं थे, जिससे पता चलता है कि यदि इस डिवाइस का प्रयोग किया जाता है तो सड़क पर होने वाले ऐसे हादसे जो कि वाहन चालक की सही स्थिती का अंदाजा न लग पाने के कारण होता है उस पर अंकुश लगाया जा सकेगा।

गौरतलब हो कि इस प्रयोग में कुल लगभग 2.5 करोड़ डॉलर का निवेश किया गया है। इसके अलावा इस प्रयोग में दुनिया भर की एक से बढ़कर एक शानदार वाहन निर्माता कंपनियों ने भी अपनी अहम भूमिका निभाई है। प्राप्‍त जानकारी के अनुसार इस प्रयोग में अमेरिका की प्रमुख कार निर्माता कंपनी फोर्ड, जनरल मोटर्स, होंडा, ह्युंडई, मर्सडीज बेंज सहित वाहन निर्माता कंपनियों ने अपने कारों को इस प्रयोग में शामिल किया है।

फिलहाल संस्‍‍था ने इस डिवाइस का प्रयोग हैवी व्‍ही‍कल्‍स यानी की ट्रक आदि में प्रयोग किया है। इस समय लगभग 500 वाहनों में कंपनी ने इस डिवाइस को लगाया है जो कि सफलता पूर्वक सड़कों पर फर्राटा भर रही है। यह डिवाइस वाई-फाई के माध्‍यम से एक दूसरे से संपर्क स्‍थापित कर अपनी स्थिती का आंकलन करतें है और अपने वाहन चालक को वाहन के भीतर लगे डिसप्‍ले डिवाइस से संकेत देते है। फिलहाल कंपनी इस डिवाइस का प्रयोग अन्‍य कारों के लिए भी कर रही है। उम्‍मीद है कि बहुत जल्‍द ही इसका प्रयोग दुनिया भर में किया जायेगा।

भारत में इस डिवाइस का प्रयोग।
आपके जेहन में एक सवाल यह भी आ रहा होगा कि, भारत में इस डिवाइस का प्रयोग किया जायेगा कि नहीं। आपको बता दें कि अभी तक इस बारें में कोई जानकारी साझा नहीं की गई है। लेकिन विदेशी वाहन निर्माता कंपनियां जो कि देश में अपने वाहनों की बिक्री कर रहें हैं वो अपनी कारों में इस डिवाइस का प्रयोग कर भारतीय बाजार में उतार सकतें हैं। सकती है। इस डिवाइस के कार्य करने की क्षमता और फीचर्स को देखते हुए यही अंदाजा लगाया जा रहा है कि निश्‍चय ही यह डिवाइस दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने में कारगर होगा।

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Article Published On: Saturday, August 25, 2012, 12:56 [IST]
English summary
The US department of Transportation and the University of Michigan will soon conduct an experiment where more than 2,000 cars will be connected with each other. The cars will communicate with each other and it will reduce the road accidents.
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