टोयोटा ने पकड़ी रफ्तार जीएम को लगा करारा झटका
बीता अप्रैल माह ऑटोमोबाइल बाजार के लिए कई तीखे अहसास करा गया। यह माह कुछ वाहन निर्माताओं के लिए रसभरा रहा तो कुछ के लिए नीरस ही साबित हुआ। इसी क्रम में दुनिया की सबसे बड़ी वाहन निर्माता कंपनी जनरल मोटर्स को बीते माह बिक्री के मामले में करारा झटका लगा तो उसी माह के दौरान जापानी वाहन निर्माता कंपनी टोयोटा ने रफ्तार भी पकड़ी।
जनरल मोटर्स इंडिया द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस साल कंपनी की बिक्री उम्मीद के अनुरूप नहीं रही और बिक्री 20.34 फीसद घटकर 8,005 कारों की रही। कंपनी ने 2011 की समान अवधि में 10,050 कारें बेची थी। जीएम इंडिया के उपाध्यक्ष पी बालेंद्रन ने कहा बिक्री उम्मीद के अनुरूप नहीं हुई क्योंकि ईंधन की कीमत में अनिश्चितता, उत्पाद शुल्क में बढ़ोतरी और कुछ राज्यों में स्थानीय कर में बढ़ोतरी ने वाहन बाजार पर बहुत अधिक दबाव डाला।
उन्होंने कहा कि आम बजट में शुल्क में बढ़ोतरी की आशंका के कारण फरवरी ओर मार्च में ग्राहकों ने कारें खरीद ली थी। उन्होंने कहा हमें उम्मीद है कि बाजार में नकदी की स्थिति सुधारने के लिए सीआरआर और रेपो दर में की गई कटौती के कारण आने वाले दिनों में बाजार की स्थिति में सुधार होगा। पिछले महीने कंपनी ने 821 स्पार्क, 4,586 हैचबैक बीट, 140 सीडान आवियो, 28 ऑप्ट्रा और 455 क्रूज बेचीं।
वहीं टोयोटा किर्लोस्कर की बिक्री 49 फीसद बढ़ी है। टोयोटा किर्लोस्कर मोटर (टीकेएम) इस साल अप्रैल में 14,378 कारों की बिक्री की है। यह पिछले साल के इसी महीने के मुकाबले 49 प्रतिशत अधिक है। टीकेएम ने एक बयान में कहा कि कंपनी ने पिछले साल अप्रैल महीने में 9,681 कारें बेची थी। टीकेएम विश्व की सबसे बड़ी कार निर्माता टोयोटा और किर्लोस्कर समूह की संयुक्त उद्यम कंपनी है।
कंपनी ने अच्छी बिक्री के बावजूद कहा कि ग्राहकों की धारणा सकारात्मक नहीं दिख रही है। टीकेएम के उप प्रबंध निदेशक (विपणन) संदीप सिंह ने कहा इटियोस श्रृंखला, इनोवा, फार्चूनर ने अप्रैल में वृद्धि जारी रखी। हालांकि बाजार का रुख नरम है।


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