टाटा नैनो फिर बनी 'द बर्निंग कार'

आपको बता दें कि जब इस कार में आग लगी तो इस कार में एक बच्चे सहित कुल तीन लोग सवार थे। यदि मौके पर मौजूद लोगों की माने तो कार के इंजन के हिस्से में पहले धीमें-धीमें धुआं निकला और थोड़ी देर बाद कार में आग पकड ली। जैसे ही कार के इंजन से धुआं निकलने लगा कार में सवार सभी लोग कार से बाहर निकल गये और इस हादसे में किसी को कोई शारीरिक नुकसान नहीं पहुंचा है।
कार के इंजन में जब धुंआ उठा तो कार के पास ही खड़े एक सिक्यूरिटी गार्ड ने कार के चालक को इस बारें में सूचित किया था, जिसके चलते कार में सवार सवार लोग तत्काल कार से बाहर भाग निकलें। गौरतलब हो कि टाटा नैनो में कंपनी ने कार के पिछले में इंजन का प्रयोग किया है। ऐसा पहली बार नहीं है जब नैनो कार में आग लगी है, इसके पूर्व भी नैनो में आग पकड़ने के मामले सामने आ चुके हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि नैनो कार में लगातार आग क्यूं पकड़ रहा हैं। इस बारें में कंपनी को भी पूरी जानकारी है। लेकिन अभी तक कंपनी की तरफ से इस बारें में कोई कड़ा कदम नहीं उठाया गया है। कुछ दिनों पूर्व जब नैनो कार में आग लगने के वाक्ये सामने आये थे उस दौरान कंपनी ने इस बात की तसल्ली दी थी कंपनी इस मामले की जां कर रही है और जल्द ही इस समस्या का समाधान कर दिया जायेगा।
आखिर क्यू लग रही है नैनो में आग:
जानकारों का मानना है कि नैनो के भीतर स्पेश बहुत ही कम है, और सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि इस कार में रियर इंजन का प्रयोग किया गया है, जो कि कार के पिछले हिस्से में होता हैं। जब कार चलती है तो इंधन जलता है, और इस दौरान नैनो का इंजन भी तेजी से गरम होने लगता है। ऐसा माना जाता है कि इसी हीट के कारण कार में आग लगती होगी। वहीं कार के अंदर इंटिरियर में फाइबर का प्रयोग किया गया है, जो कि उच्च ज्वलनशील है, जो कि आग को तेजी से फैलने में मदद करती हैं।
इस कार में इंजन पिछे होने के कारण कभी कभी कार चालक को पता भी नहीं चलता कि कार के इंजन में आग पकड़ ली है और जब तक उसे पता चलता है तब तक बहुत देर हो चुकी होती हैं। एक और बिंदू है जो कि नैनो में आग लगने का कारण माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि नैनो में इलेक्ट्रीक वायरिंग में खामियां होने के कारण भी आग लगती हैं। कभी-कभी कुछ जली हुई नैनो कारों में देखा गया है कि कार की वायरिंग पूरी तरह से जल चुकी होती हैं।


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