छोटी कारों ने की मारूति की नैया पार

बीते वर्ष कंपनी ने भारतीय बाजार में अपनी लोकप्रिय हैचबैक कार स्विफ्ट का डीजल संस्करण पेश किया। लेकिन उस वक्त समय पर डिलीवरी आदि न हो पाने के कारण कंपनी को भारी नुकसान का समाना करना पड़ा। इसके अलावा मारूति सुजुकी ने 17 अगस्त को स्विफ्ट डीजल को पेश किया और ठीक 29 अगस्त को मनेसर स्थित संयंत्र में कर्मचारी नये युनियन की मांग को लेकर धरने पर बैठ गये और देखते-देखतें यह हड़ताल पुरे एक महिने तक जारी रही।
इस दौरान संयंत्र में कारों का उत्पादन कार्य भी बुरी तरह प्रभावित हुआ और साथ-साथ कंपनी को लगभग 600 करोड़ रूपये की चपत भी लगी। उसके बाद अक्टूबर माह में भी कंपनी को हड़ताल का समाना करना पड़ा। लेकिन मारूति सुजुकी की इस शानदार कार स्विफ्ट ने बीते दिसंबर, जनवरी और फरवरी माह में बेहतरीन बिक्री दर्ज की और कंपनी के शेयी सुधार में भारी मदद की।
इसके अलावा अभी तक मारूति सुजुकी की बेस्ट सेलिंग कार के रूप में फर्राटा भर रही वैगनआर को भी स्विफ्ट ने पीछे छोड दिया। आपको बता दें कि कंपनी अपने इस कार को पेश करने से पूर्व ही स्विफ्ट की कुल 50,000 इकाईयों की बुकिंग दर्ज कर चुकी थी। मारूति सुजुकी की स्विफ्ट, वैगनआर, अल्टो, रिट्ज जैसी कारों की बदौलत एक बार फिर से बाजार में अपनी स्थित मजबुत कर चुकी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2011 के शुरूआत में कंपनी के शेयर लगभग 45 प्रतिशत थे, जो वर्ष के मध्य में गिरकर 28 प्रतिशत पर आ गये थे। लेकिन छोटी कारों ने मारूति सुजुकी में एक बार फिर से जान फूंक दी और वर्तमान में कंपनी के शेयर बढ़कर लगभग 40 प्रतिशत तक हो चुके है।


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