बंद कार में सोना, मौत को दावत
आप यह जानकार थोड़ा हैरान हो गये होंगे कि कार के भीतर सोने से आपकी जान को क्या खतरा हो सकता है। आइये हम आपको बतातें है, कार के भीतर जब एसी ऑन होता है उस दौरान कार के सभी खिड़की बंद होतें हैं, इस समय कार के इंजन को चालू रखना होता है क्योंकि एसी तभी चलेगा। कार में सोते समय हमारे द्वारा छोडी जाने वाली कार्बन डाइ आक्साईड तो कार के भीतर होती ही है इसके अलावा इंजन के हीट होने पर कार के भीतर कार्बन मोनो आक्साईड के प्रवेश का भी खतरा होता है।
एसी वेंट के रास्ते से या फिर किसी खिड़की के लिकेज के चलते कार के भीतर कार्बन मोनो आक्साइड प्रवेश कर जाता है। सोते समय यात्री को इस बात का जरा सा भी भान नहीं हो पाता है कि वो कितनी जहरीली गैस को स्वास के माध्यम से ग्रहण कर रहा है। कार्बन मोनो आक्साइड हमारे शरीर के नासिकाओं में प्रवेश कर आक्सीजन की मात्रा को लगातार कम करता रहता है जिसके कारण सोया हुआ व्यक्ति स्वांस नहीं ले पाता है और उसकी मौत हो जाती है।
आपको बता दें कि हाल ही में चेन्नई में बंद कार के भीतर सोने से दो बच्चों की मौक हो गई थी। इसका मुख्य कारण था कि कार के भीतर इन बच्चों की मौत दम घुटने के कारण हुई थी। गौरतलब हो कि जब कार के भीतर कार्बन मोनो आक्साईड प्रवेश करती है तो उसका अंदाजा आप तभी लगा सकतें है जब आप सचेत अवस्था में हों, क्योंकि यह बेहद ही हल्की और कम गंध वाली गैस होती है जिसका अंदाजा सोता हुआ व्यक्ति नहीं लगा सकता है।
जिसके कारण बंद कार में गहरी नींद कभी-कभी मौत का कारण बन जाती है। तो आप सदैव इस बात का ख्याल रखें, यदि कार में आपको सोना है तो कार के किसी एक हिस्से के खिड़की आदि को खुला रखें। कोशिश करें खिड़की को हॉफ तक बंद रखें। ऐसा करने पर बाहर से आने वाली हवा कार के भीतर एक्जॉस्ट सिस्टम को बेहतर बनाये रखेगी साथ ही शफोकेशन होने के चांसेज बहुत ही कम होंगे।


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