रतन आज करेंगे कंपनी को 'टाटा'
भारतीय ऑटोमोबाइल जगत के एक मजबूत स्तम्भ, देश के उधोग को एक नया आयाम देने वाले और न जाने ही कितने लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने वाले देश के बिजनेस टायकून रतन टाटा आज अपनी कंपनी को टाटा करेंगे। जी हां, रतन टाटा आज आधिकारिक रूप से अपनी जिम्मेदारियों यानी की चेयरमैन के पद से रिटायर होने जा रहें हैं। आपको बता दें कि रतन टाटा का आज जन्मदिन भी है और आज अपने इस खास दिन पर ही वो रिटायर हो रहें हैं।
टाटा ग्रूप की शुरूआत एक पारंपरिक औद्योगिक घराने के तौर पर हुई थी। इस ग्रूप को औधोगिक घराने बढ़ाकर 100 अरब डॉलर के आधुनिक वैश्विक उद्योग समूह में बदलने वाले टाटा ग्रूप के चेयरमैन रतन टाटा आज इस पद की बागडोर 44-वर्षीय साइरस मिस्त्री को सौंपेंगे। आपको बता दें कि आज के दिन रतन टाटा 75 वर्ष के हो जायेंगे। साइरस मिस्त्री को रतन टाटा ने पिछले वर्ष ही अपना उत्तराधिकारी चुना था।
अपने शानदार हुनर और अद्भुत बुद्वी कौशल के चलते रतन टाटा ने अपनी संस्था और पूरे देश का नाम विश्वपटल पर अंकित किया है। भारतीय ऑटोमोबाइल जगत में रतन टाटा एक ऐसा नाम है जिसका लोहा सारी दुनिया मान चुकी है। रतन टाटा को उनके बेहतर कार्यो के लिए न केवल देश में पुरस्कृत किया गया बल्कि विदेशों में भी इन्हें सम्मानित किया गया।
दुनिया को सबसे सस्ती कार टाटा नैनो और विश्व की सड़को पर अपने एक से बढ़कर एक व्यवसायीक वाहनों को सफलता पूर्वक दौड़ाने का श्रेय रतन टाटा को प्राप्त है। रतन टाटा ने न केवल टाटा मोटर्स को बुलंदियो पर पहुंचाया बल्कि विश्वपटल पर भारतीय ऑटोमोबाइल जगत का नाम उकेरने में भी इनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। रतन टाटा के चलते ही टाटा मोटर्स ने मशहूर ब्रिटीश कार निर्माता कंपनी लैंडरोवर और जगुआर का अधिग्रहण भी किया, और आज दुनिया भर में इस ब्रांड ने एक बार फिर से शानदार प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है। रतन टाटा के कार्यो को शब्दो में बयां करना वैसा ही है जैसा कि एक लोटे में समुंद्र को समेटना। खैर आइये तस्वीरों के माध्यम से जानतें हैं देश के इस रतन के बारें में।

देश का रतन
रतन टाटा ने भारतीय ऑटोमोबाइल जगत को जो आयाम दिया है वो बेहद ही शानदार रहा है। आज वो टाटा समूह के चेयरमैन के पद से रिटायर हो रहें हैं। 21 वर्षो तक अथक प्रयास और मेहनत से रतन टाटा ने टाटा मोटर्स को जिस उंचाई पर पहुंचाया वो एक अपने आप में एक मील का पत्थर है।

सन 1991 चेयरमैन के तौर पर नियुक्त
सन 1991 में रतन टाटा के चाचा जेआरडी टाटा टाटा ग्रूप के चेयरमैन के पद से रिटायर हुयें। उन्होनें सन 1938 में इस पद को ग्रहण किया था। जेआरडी ने इस बड़ी जिम्मेदारी को अपने भतीजे रतन टाटा के कंधों पर डाली और रतन अपने पारिवारिक उधोग के चेयरमैन बनें।

रतन ने दिया टाटा ग्रूप को नया आयाम
जब रतन टाटा ने कंपनी में बतौर चेयरमैन पद संभाला था उस वक्त टाटा ग्रुप का टर्नओवर 10 हजार करोड़ रूपये था। लेकिन रतन टाटा ने लगातार 21 वर्षो तक मेहनत कर अपनी कार्यकुशलता से टाटा ग्रुप को 80 देशों में फैलाकर उसके कारोबार को करीब 5 लाख करोड़ का बना दिया है।

टाटा मोटर्स की पहली यात्री कार
टाटा मोटर्स तो दुनिया भर में अपने व्यवसायीक वाहनों के बारें में जाना जाता था, लेकिन सन 1998 में कंपनी ने पहली बार देश की सड़क पर यात्री वाहन के तौर पर अपनी पहली कार टाटा इंडिका को पेश किया। टाटा इंडिका ने देश में हैचबैक कार सेग्मेंट में जो उपलब्धि हासिल की वो बेहद ही शानदार रहा।

सन 2004 • टाटा ने देवू का किया अधिग्रहण
देश की सबसे बड़ी वाहन निर्माता कंपनी के तौर पर पहचान बनाने के बाद कंपनी ने कोरिया की प्रमुख व्यवसायीक वाहन निर्माता कंपनी देवू का अधिग्रहण सन 2004 में किया। देवू के हैवी ट्रकों का निर्माण खुद किया और दुनिया भर में सफलता पूर्वक दौड़ाया।

सन 2004 • न्यूयार्क स्टॉक एक्स्चेंज में टाटा की धमक
दुनिया भर में अपने वाहनों के फर्राटा भरने के बाद टाटा मोटर्स एक अर्न्तराष्ट्रीय ब्रांड बनकर उभरा। टाटा मोटर्स की ख्याती में और इजाफा तब हो गया जब कंपनी को न्यूयार्क स्टॉक एक्स्चेंज की सूचि में शामिल किया गया।

सन 2008 • टाटा की खुशियों की चाभी
टाटा मोटर्स ने रतन टाटा के नेतृत्व में कई शानदार वाहनों को सड़क पर उतारा, लेकिन जिस वाहन ने टाटा को दुनिया भर में मशहूर कर दिया वो थी टाटा की खुशियों की चाभी टाटा नैनो। रतन टाटा ने सन 2007 में दिल्ली ऑटो एक्सपो में दुनिया के सामने पहली बार दुनिया की सबसे सस्ती कार को लॉन्च करने की घोषणा की और सन 2008 में इस कार को बिक्री के लिए लॉन्च कर दिया गया। टाटा नैने रतन टाटा का ड्रीम प्रोजेक्ट है।

सन 2008 • लैंडरोवर जगुआर पर कसा शिकंजा
जिस वर्ष कंपनी ने नैनो को बाजार में उतारा वह वर्ष कंपनी ने लिए बेहद ही लक्की रहा। जी हां सन 2008 में ही टाटा मोटर्स ने दुनिया भर में एक से बढ़कर एक शानदार वाहनों को पेश करने वाली ब्रिटीश की प्रमुख वाहन निर्माण कंपनी लैंडरोवर जगुआर का अधिग्रहण किया। रतन टाटा के नेतृत्व में कंपनी द्वारा प्राप्त यह भी एक बड़ी उपलब्धि थी।

सन 2012 • साइरस मिस्त्री को बनाया उत्तराधिकारी
टाटा मोटर्स के नये चेयरमैन के लिए खोज तो सन 2010 से ही शुरू हो गई थी लेकिन सन 2012 में रतन टाटा ने आधिकारिक रूप से इस बात की घोषणा की साइरस मिस्त्री ही टाटा ग्रूप के नये चेयरमैन होंगे।

सुई से लेकर जहाज तक टाटा
देश भर एक जुमला मशहूर है वो हमने भी अपने बचपन में बुजुर्गो से सुना था कि, सुई से लेकर जहाज तक टाटा ही है। जी हां रतन टाटा ने देश के उधोग को जो उंचाईयां प्रदान की है वो काबिले तारिफ है।आज टाटा ग्रुप में 100 से ज्यादा कंपनियां हैं, जो नमक से लेकर सॉफ्टवेयर और स्टील से लेकर कार बनाने में लगी हुई हैं और बिना किसी शक के टाटा ग्रुप के नाम को देश में बेहद प्रतिष्ठित दर्जा हासिल है।


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