नैनो को पेश करने से पहले दर्द से तबाह हुए थे रतन टाटा

जी हां अपने ड्रीम प्रोजेक्ट टाटा नैनो को दुनिया के सामने पेश करने के दौरान टाटा ग्रूप के हेड रतन टाटा अपने पीठ दर्द (गबैक पेन) से इस कदर तबाह थे कि उन्हे इस कार को पेश करने तक की हिम्मत न थी। लेकिन आखिर यह एक सपने के सच होने जैसा था और भला रतन टाटा अपने इस सपने के साकार होने के बीच दर्द को कैसे जगह दे सकतें थे। उस दौरान रतन टाटा ने इस कार को पेश करने से पहले दर्द निवारक (पेन किलर) इंजेक्शन लिया और किसी तरह इस कार को पेश किया।
यह बात उस वक्त की है जब सन 2008 में रतन टाटा अपनी इस कार को जेनेवा में चल रहे ऑटो एक्सपो में पेश करने जा रहे थे। रतन टाटा ने आज इस बात को दुनिया का सामने खुद स्वीकार किया है कि जब वो इस कार को पेश करने के लिए जा रहे थे उस दौरान उन्हे पीठ में बहुत ही दर्द थे इसके लिए उन्होने एक चिकित्सक से दवाऐं भी ली थी। उन्होने बताया कि दर्द इस कदर था कि जब मै कार को पेश कर रहा था उस दौरान मेरे हाथ कार के स्पर्श को भी अनुभव नहीं कर पा रहे थे।
आपको बता दें कि टाटा नैनो पहली बार जनवरी 2008 में भारत में पेश की गई थी उसके कुछ ही महिनों बाद इसे जेनेवा ऑटो एक्सपो में पेश किया गया था। 74 वर्षीय रतन टाटा की दृणता का इससे बेहतर उदाहरण और कहीं नहीं मिल सकता है। शायद यही कारण है कि रतन टाटा की ड्रीम प्रोजेक्ट आज भारत में नहीं वरन दुनिया के कई मुल्कों में सफलता पूर्वक फर्राटा भर रही है।


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