अगले जन्म मोहे पेट्रोल पम्प ही दीजो
'अगले जन्म मोहे पेट्रोल पम्प ही दीजो' जी हां यह पुकार आज एक आम इंसान की है, सरकार की नीतियों और पेट्रोल की कीमतों में लगातार आ रहे उछाल से हतास परेशान इससे बढ़कर भगवान से और क्या मांग सकता है। लेकिन सरकार शायद इन बातों से कोई भी तार्रूख नहीं रखती है। बीती रात से देश भर में पेट्रोल में महंगाई की आग लग गई है। एक बार फिर से पेट्रोल ने रौद्र रूप धारण करतें हुए आम इंसान पर साढ़े साती (7.50) लगा दी है।
बीती रात से देश भर में पेट्रोल की कीमतों में इजाफा कर दिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार देश की राजधानी दिल्ली में अब पेट्रोल की कीमत 73.14 रूपये, मुबंई में 78.16 रूपये, कोलकाता में 77.69 रूपये और चेन्नई में 77.23 रूपये प्रतिलीटर के हिसाब से बिकेगा।
पेट्रोल की कीमतों में आये इस उछाल के कारण न केवल आम इंसान परेशान है बल्कि देश के वाहन निर्माताओं की तो जैसे रातों की नींद उड गई है। देश का ऑटोमोबाइल बाजार पिछले वर्ष से ही लगातार पेट्रोल की कीमतों के उछाल की मार झेल रहा है, खैर बीता वर्ष के ऑटोमोबाइल बाजार के लिए एक भूल जाने वाला वर्ष रहा लेकिन वाहन निर्माताओं को इस साल थोड़ी उम्मीदें थी। जो कि अब खत्म होती नजर आ रहीं है।
बीते वर्ष पेट्रोल की कीमतों में आये उछाल के कारण डीजल कारों की मांग अचानक बढ़ गई थी जिसके लिए वाहन निर्माता पूरी तरह से तैयार नहीं थे। वहीं कुछ वाहन निर्माताओं ने अपने मॉडलों के डीजल वैरिएंट को बाजार में पेश करना शुरू कर दिया लेकिन उनके लिए सबसे बड़ी समस्या था पेट्रोल कारों का स्टॉक क्लीयर करना जिसके उन्होनें वाहनों की कीमत में भारी कटौती कर उन्हे ग्राहकों के सामने पेश किया।
पेट्रोल की उछाल, डीजल की मांग कहीं ले न ले जान:
पेट्रोल की कीमत में इस बार लगभग 7.50 रूपये की बढ़ोत्तरी की गई है जो कि अब तक की सबसे ज्यादा बढ़ाई जाने वाली कीमत है। आपको बता दें कि पेट्रोल की कीमत बढ़ने के कारण डीजल वाहनों की मांग में हमेशा से तेजी आ जाती है। इस बार भी ऐसा ही होगा। इतना ही नहीं इस बार तो देश के शोरूमों में पहले से ही एक से बढ़कर एक डीजल वाहन मौजूद है।
पेट्रोल की इस साढ़े साती वाले चाल का असर न केवल आपकी जेब पर पड़ेगा बल्कि आपकी सांसें भी थम सकती है। जी हां इस परिवर्तन से देश की सड़कों पर डीजल कारों की संख्या बढ़ेगी जिसके कारण वायुमण्डल में डीजल का ज्यादा जलेगा जो कि प्रदूषण को बढ़ावा देगा। इस तरफ सरकार का ध्यान करने के लिए कई समाज सेवी संस्थाओं ने भी कोशिश की लेकिन अभी तक कोई भी फायदा नहीं हुआ।
डीजल के ज्यादा प्रयोग से वायुमण्डल में कार्बन की मात्रा ज्यादा बढ़ जाती है पहले से ही देश में व्यावसायीक वाहनों की संख्या में ज्यादा वृद्वी हो रही है जिसमें डीजल का प्रयोग किया जाता है। एक बार फिर से पेट्रोल की कीमत में आये उछाल के कारण डीजल वाहनों की मांग बढ़ेगी और इसका सीधा असर आमजन के जेब और स्वास्थ दोनों पर पड़ेगा।


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