चोट पर चोट, अब डीजल कारें होंगी महंगी

अभी देश पेट्रोल की कीमतों में हुए इजाफे के झटके से उबरा भी नहीं है कि सरकार जनता को एक और झटका देने की योजना बना रही है। जी हां पेट्रोल और डीजल की कीमतों के बीच बढ़ते अंतर को देखते हुए वित्त मंत्रालय डीजल कारों पर उत्पाद शुल्क बढ़ाने की संभावना तलाश रहा है। डीजल कारों पर शुल्क वृद्धि का सुझाव पेट्रोलियम मंत्रालय ने बहुत पहले दिया था। वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, डीजल कारों पर उत्पाद शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव अब भी एजेंडा में शामिल है।

इसे बजट के दौरान नहीं लिया जा सका। इसमें कुछ समय लगेगा लेकिन यह होगा। व्यक्तिगत वाहन मालिकों द्वारा सब्सिडी पर डीजल के उपभोग को हतोत्साहित करने के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय को डीजल कारों पर अधिक शुल्क लगाने का सुझाव दिया था। हालांकि, भारी उद्योग मंत्रालय डीजल कारों पर शुल्क वृद्धि के प्रस्ताव के खिलाफ है।

सूत्रों ने कहा, प्रस्ताव को लेकर दो मत हैं। हम आम सहमति बनाने की कोशिश कर रहे हैं। बजट सत्र अभी अभी बीता है और कोई बदलाव में कुछ समय लग सकता है। हाल ही में पेट्रोल के दाम में 7.50 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि किए जाने से पेट्रोल और डीजल के दामों के बीच अंतर और बढ़ गया। जहां दिल्ली में प्रति लीटर डीजल का मूल्य करीब 40 रुपये है, पेट्रोल 74 रुपये लीटर है।

देश में डीजल की खपत सबसे अधिक है, लेकिन इसे आयातित लागत से भी कम मूल्य पर बेचा जाता है। सरकार तेल विपणन कंपनियों को बाजार मूल्य से कम पर डीजल की बिक्री करने के लिए 15.35 रुपये प्रति लीटर की सब्सिडी उपलब्ध करा रही है। वैसे देश में डीजल कारों पर उत्‍पाद शुल्‍क बढ़ायें जाने की चर्चा आम बजट के पेश होने के पूर्व से ही चल रही है लेकिन अभी तक इसे लागू नहीं किया जा सका है।

सरकार के इन्‍ही नीतियों के चलते कई कार निर्माताओं ने आत बजट से पूर्व डीजल कारों को पेश करने की योजना को स्‍थगित कर दिया था। जब सरकार ने आम बजट में डीजल कारों पर किसी भी तरह घोषणा नहीं की थी तो देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारूति सुजुकी ने तत्‍कार अपनी पहली एमपीवी एरटिगा को बाजार में पेश कर दिया था।

इस समय देश में वाहन निर्माता पेट्रोल की कीमतों में हुए इजाफे के कारण पेट्रोल वैरिएंट की कारों की बिक्री को लेकर चिंतित है यदि इसी बीच डीजल कारों पर एक्‍साईज ड्यूटी को बढ़ा दिया गया तो देश के ऑटोमोबाइल बाजार पर यह एक करारी मार होगी। एक तरफ पेट्रोल कारों की बिक्री का धीमा होना दूसरी तरफ डीजल कारों का महंगा होना।

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Article Published On: Sunday, May 27, 2012, 18:23 [IST]
English summary
It's a bad news for car lovers, due to high difference between petrol cars and diesel cars price, now finance ministry is planning to increase excise duty on diesel cars.
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