मारुति की बिक्री में 63.3 फीसदी की गिरावट

मारुति सुजूकी इंडिया ने एक बयान में कहा कि समीक्षाधीन अवधि के दौरान कंपनी की कुल बिक्री 17.4 फीसदी गिरकर 7,663.6 करोड़ रुपये की रही जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में कंपनी ने 9,276.73 करोड़ रुपये की बिक्री की थी। चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के मुनाफे का स्तर 2008-09 की तीसरी तिमाही से लेकर अब तक सबसे कम है, उस दौरान कंपनी का मुनाफा 55 फीसदी गिरा था।
कंपनी ने अपने बयान में कहा, ईंधन की कीमत बढऩे और ऊंची ब्याज दर के कारण बाजार की खराब हालत के कारण इस तिमाही के दौरान कारों की बिक्री कम हुई। इसके अलावा मानेसर में कर्मचारियों की हड़ताल के कारण करीब 40,000 कम कारों का उत्पादन हुआ। तिमाही के दौरान मारुति ने 27.56 फीसदी कम वाहन बिके। अक्टूबर से दिसंबर 2011 के दौरान मारुति ने कुल 2,39,528 कारें बेचीं जबकि पिछले साल की समान अवधि में 3,30,687 कारें बेची थीं। तिमाही में मारुति की घरेलू बिक्री 2,11,803 वाहनों की रही जबकि पिछले साल की समान अवधि में 2,99,527 वाहन बेचे गए थे। इस दौरान निर्यात भी 27,725 कार बेचे गए जबकि पिछले साल की समान अवधि में 31,160 कारों का निर्यात हुआ था।
मारुति के मुख्य वित्तीय अधिकारी अजय सेठ ने कहा कि कंपनी को विनिमय दर में उतार चढ़ाव के चलते इस दौरान 200 करोड़ रुपये के विदेशी मुद्रा का नुकसान हुआ। हालांकि खराब नतीजे की खबर आने पर कंपनी का शेयर शुरू में गिराव पर बाद में इसमें अच्छा सुधार दर्ज किया गया। बंबई स्टॉक एक्सचेंज में यह शेयर 5.77 फीसदी चढ़कर 1,162.55 रुपये पर बंद हुआ। मरुति को इस घाटे से उबरने में कितना समय लगेगा इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है मगर जानकारों के अनुसार मारुति इसके लिए कुछ नई रणनीतियों के साथ नए वाहन पेश करेगी।


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