इंडियन ग्रां प्री फिर रचेगा इतिहास
जी हां ये इंडिया की रेस है, देश की जमीन पर एक बार फिर से रफ्तार के जंगियो का हौसला देखने को मिलने जा रहा है। फार्मूला वन कारों के धुएं में सराबोर बुद्ध इंटरनेशन सर्किट एक बार फिर से रफ्तार के दिवानों के इस्तेकबाल के लिए तैयार हो चुका है। आज नोएडा स्थित जेपी ग्रुप के रेस ट्रैक पर क्वालिफाइंग रेस की जायेगी उसके बाद कल यानी की रविवार को इंडियन ग्रांप्री का फाइनल रेस किया जायेगा। एक बार फिर से इंडियन ग्रां प्री रेस इतिहास रचने को तैयार है।
पिछली बार बुद्ध इंटरनेशन सर्किट में देश में पहली बार फार्मूला वन रेस का आयोजन किया गया था, इस बार भी तैयारी पूरी जोर शोर के साथ की गई है। जी हां इस बार के सिजन में पिछले बार के इंडियन ग्रां प्री के विजेता सबेस्टियन विेटेल 215 अंकों के साथ सबसे आगे चल रहें हैं। सबेस्टियन रेड बुल टीम के ड्राइवर हैं। लेकिन इतना ही नहीं उनके इस बार दुनिया की नजरें विटेल के निकटम प्रतिद्वंदी फेरारी के ड्राइवर फेरनांडो अलांजो पर भी रहेंगी। जी हां अलांजो 209 अंकों के साथ विेटेल को पछ़ाड़ने की पूरी तैयारी में हैं
अपने देश की ट्रैक, अपनी टीम सहारा फोर्स इंडिया और देश का इकलौता रेसर नारायण कार्तिकेयन एक बार फिर से देश में रफ्तार के दिवानों का मनोरंजन करने ट्रैक पर उतरेंगे। तिरंगे में सजी बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट का स्टैंड फिर से एफ1 कार की आवाज से गूंज उठेगा और बरबस ही सबके होंठो से ये निकलेगा 'ये इंडिया की रेस है बाबू'। आइये तस्वीरों के माध्यम से जानतें है इंडियन ग्रां प्री के इस दूसरे आयोजन के बारें में।

जोर-शोर से हुई है तैयारी
देश में यह आयोजन दूसरी बार किया गया है। इस आयोजन के साथ ही एक बार फिर से बुद्ध् इंटरनेशनल सर्किट रफ्तार के जंगियों का इस्तेकबाल करने के लिए तैयार है।

दर्शकों का उमड़ेगा हूजूम
बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट को पिछले वर्ष दुनिया की सबसे बेहतरीन रेस ट्रैक बताया गया था। इस बार इस सर्किट में लगभग 1 लाख 10 दर्शकों के बैठने की व्यवस्था की गई है।

ट्रैक में किये गयें हैं परिवर्तन
पिछली बार की रेस बेहद ही शानदार रही थी। इस बार इस रेस को और भी बेहतर बनाने के लिए रेसिंग ट्रैक में कुछ परिवर्तन किये गये हैं। जैसे कि कार्नर पर ओवरटेक करने के दौरा ट्रैक के बाहर के ग्रांउड पर बेहतरीन ग्रास का प्रयोग किया गया है। जिससे कि यदि कोई कार ट्रैक से ग्रास पर जाती है तो वापस लौटते वक्त वो ग्राउंड की मिट्टी को अपने साथ न लायें। टर्न नंबर 6,7 और 8 में भी कार्नर पर परिवर्तन किया गया है।

देश की नजर सहारा फोर्स वन पर
सहारा फोर्स वन देश की इकलौती फार्मूला वन रेसिंग टीम है। इस बार भी इस टीम पर देश की नजरें रहेंगी। इस टीम के मालिक विजय माल्या और सहारा इंडिया है। इस टीम में अमेरिकी ड्राइवर पॉल डी रेस्टा और निको हेल्मेकबर्ग है।

देश का इकलौता ड्राइवर
इस बार बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पर देश के इकलौते ड्राइवर नारायण कार्तिकेयन एक बार फिर से रफ्तार से जंग करते नजर आयेंगे। नाराण कार्तिकेयन हेस्पेनिया रेसिंग टीम के ड्राइवर है। हमेशा टॉप 20 से बाहर रहने वाले नारायण ने पिछली रेस में 15वें पायदान पर जगह जमाई है। कार्तिकेयन से भी देश को काफी उम्मीदें हैं।

इंडियन ट्रैक पर आखिरी बार दिखेंगे शुमाकर
फार्मूला वन रेस के कर्णधार, लगातार 7 बार विश्व विजयी मर्सडीज बेंज के ड्राइवर माइकल शुमाकर आखिरी बार देश के रेसिंग ट्रैक पर रफ्तार से जंग करते देखें जायेंगे। हाल ही में शुमाकर ने सिजन की आखिरी रेस यानी की ब्राजिलीयन ग्रां प्री से रिटायरमेंट लेने का घोषणा किया है। तो देश के लोगों को इस महान खिलाड़ी को आखिरी बार ट्रैक पर देखने का मौका मिलेगा।

अलांजो से उम्मीदें
फेरनांडो अलांजो फेरारी के शानदार ड्राइवर है। युवा शक्ति और बेहतरीन हौसले से लबरेज इस ड्राइवर से लोगों को काफी उम्मीदें हैं क्योंकि अलांजो पिछले बार के विजेता सबेस्टियन विटेल से महज 6 अंक पिछे हैं।

इतिहास दोहराने को विटेल बेताब
पिछली बार देश के पहले फार्मूला वन रेस में रेड बुल के ड्राइवर सबेस्टियन विटेल ने इंडियन ग्रां प्री रेस जीती थी। इस बार भी अभी तक वो नंबर एक पर है। विटेल एक बार फिर से देश में उसी इतिहास को दोहराने को बेताब हैं।


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