आम और खास के फर्क की कहानी, इमरान की फेरारी

प्राप्त जानकारी के अनुसार फेरारी का यह मॉडल भारतीय बाजार में उपलब्ध नहीं है और यह कार इटली में भी एक साल के बाद ही उपलब्ध हो सकती थी। लेकिन ऑटोमोबाइल बाजार और बॉलीवुड का अपना एक अलग ही नाता है। कार निर्माता भी अब अपने फायदें पर ज्यादा ही ध्यान देतें है इसके लिए भले ही उन्हे अपने नियमों को ताक पर रखना पड़े। हम बतातें है कैसे?
जिस वक्त इमरान ने इस कार को बुक किया था उस वक्त इस कार की डीलीवरी एक वर्ष के बाद ही इमरान को मिल सकती थी। लेकिन कार निर्माता कंपनी फेरारी ने इस कार को इमरान को एक वर्ष के पहले ही यानी की इमरान की हालिया रीलीज फिल्म एक मै और एक तू के प्रमोशन के लिए उन्हे दे दी। नियम के अनुसार यह कार उन्हे अगले वर्ष क्रीसमस के समय मिलने वाली थी। इतना ही नहीं अपने फिल्म के प्रमोशन के लिए एक इवेंट में इमरान खान बाकायदा इस कार में करीना कपूर को बैठाकर पहुंच गये।
उस दौरान इमरान खान ने बताया कि, फेरारी कार खरीदना उनका बचपन का सपना था। इसके लिए वो और ज्यादा इंतजार नहीं कर सकतें थे। उन्होने बताया कि, मै अपनी इस कार को पाकर बेहद ही खुश हूं। आखिर हो भी न क्यूं वर्षो पुरानी मुराद हो पूरा होने में अभी एक साल और भी लग सकता था जो कि वो भी झट से पूरा हो गया। आपको बता दें इमरान की इस शानदार सवारी में 4.3 लीटर का दमदार इंजन इस्तेमाल किया गया है। इस कार को पाकर जहां एक तरफ इमरान बेहद खुश है वहीं कार निर्माता को भी मुफ्त में पब्लीशिटी हासिल हो गई है। भले ही इसके लिए उन्हे अपने नियम कानून में थोड़े फेरबदल करने पड़े। अब तो आप समझ ही गये होंगे आम और खास का फर्क।


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