रुपये में गिरावट, कारों की कीमत में इजाफे का अलार्म
डॉलर के मुकाबले रुपये में लगातार आ रही गिरावट के कारण न केवल सरकार परेशान है बल्कि इसका सीधा असर देश के ऑटोमोबाइल बाजार पर भी पड़ रहा है। जी हां इस समय देश में ऐसे बहुत से वाहन निर्माता है जो अपने वाहनों में विदेश से निर्यात कर लाये जाने वाले कल-पूर्जो का प्रयोग करतें हैं। अब एक तरफ रुपये में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है जिसके कारण निर्यात कर लाई जाने वाली सामाग्री की कीमत में भी इजाफा हो रहा है।
अब सबसे बड़ी समस्या यह है कि हाल ही में देश में पेट्रोल की कीमत में इजाफा हुआ है जिसके कारण देश का ऑटोमोबाइल बाजार काफी परेशान रहा है। इस समस्या से बचने के लिए वाहन निर्माताओं ने अपने पेट्रोल वैरिएंट की कारों पर भारी छूट की भी घोषणा की लेकिन स्थित में कुछ खास सुधार नहीं किया जा सका। पेट्रोल की कीमत में लगी आग के बाद रुपये में आई गिरावट कोढ़ में खाज का काम कर सकती है।
जी हां देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारूति सुजुकी और टाटा मोटर्स जैसे वाहन निर्माता कुछ हद तक अपने वाहनों में कुछ हद तक देशी कल पूर्जो का प्रयोग करतें हैं इसके अलावा इन्हें भी विदेशी तकनीकियों को सहारा लेना पड़ता है। विशेषकर इन कार निर्माताओं द्वारा देश में पेश किये मॉडलों के टॉप इंड वैरिएंट में बेहतर फीचर्स देनें के लिए विदेशी स्पेयर पार्ट्स का प्रयोग किया जाता है।
जिनकी खरीद के लिए वाहन निर्माताओं को ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहें है। ऐसी उम्मीद की जा रही है कि यदि जल्द ही रुपये की स्थिती में सुधार नहीं आया तो वाहन निर्माता आपने वाहनों की कीमत में इजाफा करने को मजबूर हो जायेंगे। आपको बता दें कि इसी वर्ष आम बजट के पेश होने के दौरान वाहनों पर एक्साइज ड्यूटी को सरकार द्वारा बढ़ा दिया गया था जिसके बाद वाहन निर्माताओं ने वाहनों की कीमत में इजाफा किया था।


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