कहीं कार न बन जाये आपकी चिता

कार में सफर करना भला किसे अच्‍छा नहीं लगता। खास कर अपने परिवार के साथ छुट्टियों का मजा लेने के लिए हम सभी अपनी कार से किसी ऐसी जगह जाने की सोचतें हैं जहां पर काम धाम का कोई टेंशन न हो और हम अपने परिवार के साथ इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में मिली छोटे से फुर्सत के पल का पूरा मजा ले सके। कुछ ऐसा ही सोचा था दिल्‍ली के रहने वाले अशोक अग्रवाल ने। लेकिन उन्‍हें क्‍या पता था कि वो अपने परिवार के साथ खुशी के जो पल बिताने जा रहें हैं वो मातम में बदल जायेगा।

आइये आपको बतातें हैं पुरा मामला, दर असल हुआ यह कि दिल्‍ली के रहने वाले अशोक अग्रवाल अपनी कार ह्युंडई सैंट्रो से अपने परिवार के साथ गांधी जयंती की छुट्टी पर वृंदावन दर्शन करने गये थे। इस कार में अशोक अग्रवाल उनकी पत्नी मंजू, बेटा अमित, बहू सीमा और 12 साल का पोता शोभित सवार था। पुरे परिवार में किसी को भी इस बात का अंदाजा नहीं था कि जिंदगी की जिस रास्‍ते पर वो अपनी कार में सवारी कर रहें हैं वही कार उनकी चिता बन जायेगी।

आखिर कैसे हुआ हादसा

आखिर कैसे हुआ हादसा

आपको सबसे पहले बता दें कि इस हादसे में कार निर्माता ह्युंडई पर किसी भी तरह का हम लापरवाही या फिर उनके तकनीकी विशेषज्ञों पर हम उंगली नहीं उठा सकतें हैं। क्‍योंकि अग्रवाल परिवार जिस कार में सफर कर रहा था वो ह्युंडई की सबसे ज्‍यादा बेची जाने वाली और लोकप्रिय कार सैंट्रो थी और दूसरी सबसे महत्‍वपूर्ण बात यह की कंपनी ने इस कार का सीएनजी वैरिएंट बाजार में लॉन्‍च ही नहीं किया है। यानी की यह साफ जाहिर है कि इस कार में बाहर से बाजार में उपलब्‍ध सीएनजी किट का प्रयोग किया गया था।

बाजार में उपलब्‍ध सीएनजी किट खतरनाक

बाजार में उपलब्‍ध सीएनजी किट खतरनाक

आम आदमी इस महंगाई के दौर में अपनी कारों में सीएनजी किट का प्रयोग कर रहा है। इसका मुख्‍य कारण यह है कि पेट्रोल और डीजल के मुकाबले सीएनजी किट लगे कार में सफर करना ज्‍यादा सस्‍ता है। लेकिन गौरतलब हो कि इस क्रम में देश में कुछ वाहन निर्माता ग्राहकों के इस रूझान को ध्‍यान में रखकर अपने कार मॉडलों का सीएनजी वैरिंएट भी पेश कर रहें है। जिसमें मारूति सुजुकी और ह्युंडई प्रमुख रुप से शामिल है। आपको बता दें कि बाजार में उपलब्‍ध सीएनजी किट का प्रयोग कभी भी अपने कार में ना करें। हमेशा कंपनी फिटेड सीएनजी किट का ही प्रयोग करें।

सेंट्रल लॉकिंग सिस्‍टम

सेंट्रल लॉकिंग सिस्‍टम

कार में सेंट्रल लॉकिंग सिस्‍टम एक बेहद ही शानदार एक्‍ससरीज है लेकिन हादसों के दौरान इसके फेल हो जाने के कारण कार में सवार लोग कार से बाहर नहीं निकल पातें हैं। आइये आपको बतातें हैं, सेंट्रल लॉकिंग सिस्‍टम पूरे कार में चार वॉयर से कनेक्‍ट होता है। यह सिस्‍टम एक इलेक्‍ट्रानिक डिवाइस से कनेक्‍ट होता है। इन चारों तारों में से दो वॉयर लॉकिंग सिस्‍टम से कनेक्‍ट होतें है और अन्‍य दो वॉयर मोटर और इलेक्‍ट्रो मैग्‍नेट से कनेक्‍ट होतें हैं। हादसो के दौरान कार के दरवाजे पर लगने वाले आघात के कारण यह कार या तो टूट जाते है या फिर अपने जगह से स्‍थानांतरित हो जाते है। जिसके कारण यह सिस्‍टम काम करना बंद कर देता है और कार के दरवाजे खुल नहीं पातें हैं।

सीएनजी किट से कैसे होतें है हादसे

सीएनजी किट से कैसे होतें है हादसे

सीएनजी एक अतिज्‍वलनशील पदार्थ है और वातावरण में किसी भी तरह का परिवर्तन आदि होने के कारण, या फिर इसके लीक होने के कारण यह आसानी से आग पकड़ लेती है। आइये संक्षेप में जानतें हैं कैसे सीएनजी किट बनता है हादसों का कारण।

  • हाई प्रेशर होने के कारण किट से लीकेज।
  • किट का ठिक प्रकार से फिट न होने के कारण कंपन आदि से।
  • कम जगह में ज्‍यादा बड़े सिलेंडर का प्रयोग और दबाव बनना
  • कार में ज्‍वलनशील पदार्थ सिगरेट, लाईटर आदि का प्रयोग।
  • कार के किसी तरह के इलेक्ट्रिक स्‍पार्क या फिर फॉल्‍ट आदि से।
  • वाहन के टकराने पर उत्‍पन्‍न दबाव से।
  • कैसे बचे सीएनजी द्वरा होने वाले हादसों से।

    कैसे बचे सीएनजी द्वरा होने वाले हादसों से।

    जैसा कि हम आपको पूर्व में ही बता चुके है कि किसी भी दुर्घटना आदि के बारे में हम इंसान पूर्व में जानकारी नहीं कर सकतें हैं। लेकिन थोड़ी सी एहतियात से शायद हादसों को टाला जरुर जा सकता है। आइये संक्षेत में जानतें है कि आखिर कैसे बचे ऐसे हादसों से।

    • कभी भी बाजार में उपलब्‍ध सीएनजी किट का प्रयोग न करें।
    • हमेशा कंपनी फिटेड किट का ही प्रयोग करें।
    • लगभग हर 6 माह पर अपने किट की जांच करायें।
    • किट के वॉल्‍व आदि को समयानुसार बदलते रहें।
    • किसी भी आम रिपेयरिंग सेंटर पर किट की जांच न करायें।
    • सिलेंडर की क्षमता से थोड़ा कम ही गैस भरायें।
    • वाहन को ठंडी जगह में खड़ा करें,कोई शेड या फिर पेड के नीचे।

रास्‍ते में दिल्‍ली से लगभग 80 किलोमीटर दूर होडल नाम के जगह पर नेशनल हाइवे नंबर 2 पर उनकी कार एक ट्रैक्‍टर से टकरा गई। उस दौरान टैक्‍टर सड़क के किनारे खड़ा था। ट्रैक्‍टर से टक्‍कर लगते ही कार में लगे सीएनजी किट में आग पकड़ ली और देखते ही देखते कार आग का गोला बन गई। इस हादसे में कार में सवार सभी पांच लोग दर्दनाक तरीके से काल के गाल में समा गये।

हादसे ने जहां अग्रवाल परिवार की खुशियों के पल को मातम में बदल दिया वहीं इस हादसे ने सभी को झकझोर को रख दिया है। यह हादसा उस वक्‍त हुआ जब अग्रवाल परिवार भगवान के दर्शन कर दिल्‍ली वापस लौट रहा था। कार में आग लगने के दौरान आस-पास के लोगों ने कार पर रेत डालकर आग पर काबू पाने की पूरी कोशिश की लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी, और बंद कार में पुरा कुनबा मौत के हवाले हो गया।

सवाल यह नहीं है कि आखिर कार किस प्रकार से उस ट्रैक्‍टर से टकराई। क्‍योकि पुलिस के अनुसार कार में आग कार के भीतर लगे सीएनजी किट के लीक होने के वजह से लगी थी। जिसके कारण आग पुरे कार में फैल गई और अचानक ही कार का सेंट्रल लॉकिंग सिस्‍टम फेल हो जाने के कारण कोई कभी सदस्‍य कार से बाहर नहीं निकल पाया और सभी हादसे की बली चढ़ गये। हम मौत से बच तो नहीं सकतें हैं लेकिन थोड़ी सी सावधानी से ऐसे हादसों को टाल जरुर सकतें हैं। आइये तस्‍वीरों के माध्‍यम से जानतें है इस पूरे हादसे और ऐसी परिस्थिती में बचने के उपायों के बारें में।

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Article Published On: Wednesday, October 3, 2012, 13:25 [IST]
English summary
If you are not alert your car could end up being your coffin. A CNG fitter Santro Car on its way to Delhi catches fire. We investigate the fire episode.
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