दिग्गजों ने किया डीजल कारों पर टैक्स का विरोध
भारतीय वाहन उद्योग के दिग्गजों ने सरकार के डीजल वाहनों पर उंचें कर के प्रस्ताव का विरोध किया है। वित्त मंत्रालय डीजल वाहनों पर अतिरिक्त कर लगाने के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। इस बीच, मंत्रालय ने वाहन कंपनियों से कहा है कि वे डीजल कारों के उत्पादन के आंकड़े उपलब्ध कराएं, जिससे इस मामले में अंतिम निर्णय लिया जा सके।
महिंद्रा एंड महिंद्रा के अध्यक्ष (आटोमोटिव एवं कृषि उपकरण) पवन गोयनका, टाटा मोटर्स के भारतीय परिचालन के प्रबंध निदेशक पी एम तेलांग और मारुति सुजुकी इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी शिन्जो नाकानिशी ने आज नार्थ ब्लाक में इस बारे में वित्त मंत्रालय के अधिकारियों से विचार विमर्श किया।
बैठक के बाद गोयनका ने संवाददाताओं से कहा, वित्त मंत्रालय ने उद्योग जगत के शीर्ष कार्यकारियों को विभिन्न मसलों पर विचार के लिए बुलाया था। डीजल कारों पर कराधान का मसला इनमें से एक था। डीजल कारों पर अतिरिक्त कर के प्रस्ताव के बारे में हम स्पष्ट रूप से नहीं कह रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने वाहन कंपनियों से डीजल कारों के उत्पादन के आंकड़े उपलब्ध कराने को कहा है।
देश के वाहन निर्माताओं ने वित्त मंत्रालय के अधिकारियों से कहा है कि वे डीजल कारों पर शुल्क बढ़ाने के पक्ष में कतई नहीं हैं। उन्हें डीजल का दाम बढ़ाने पर आपत्ति नहीं है। बैठक में वित्त सचिव आर एस गुजराल और केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड के चेयरमैन एस के गोयल भी शामिल हुए। गोयल ने इससे पहले इसी सप्ताह कहा था कि वित्त मंत्रालय डीजल कारों पर कर बढ़ाने के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है जिससे इस सब्सिडी वाले ईंधन के निजी वाहन मालिकों द्वारा इस्तेमाल को हतोत्साहित किया जा सके।
इस बैठक में टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के उप प्रबंध निदेशक (वाणिज्यिक) शेखर विश्वनाथन, ह्युंडई मोटर इंडिया के निदेशक (बिक्री एवं विपणन) अरविंद सक्सेना तथा फोर्ड इंडिया के प्रबंध निदेशक माइकल बोनहैम भी शामिल हुए। इसके अलावा बैठक में वाहन विनिर्माताओं के संगठन सियाम के महानिदेशक विष्णु माथुर तथा मर्सिडीज बेंज इंडिया के निदेशक (कंपनी मामले एवं एचआर) सुहास कादलश्कर भी मौजूद थे।


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