डीजल कारों पर टैक्स लगाना ठीक नहीं: बीएमडब्लू

भारत में कंपनी की बिक्री की वृद्धि दर 2011 में करीब 45 प्रतिशत रही और उसने कुल 9,371 गाडि़यां बेची। कंपनी ने कहा कि उसे इस बार वृद्धि दर 20 प्रतिशत तक सीमित रहने की संभावना है।उल्लेखनीय है कि वित्त मंत्रालय डीजल कारों पर उत्पाद शुल्क बढ़ाने के एक प्रस्ताव पर विचार कर रहा है जिससे व्यक्तिगत वाहनों के लिए सब्सिडीयुक्त डीजल की खपत को हतोत्साहित किया जा सके।
बीएमडब्ल्यू ग्रुप इंडिया के अध्यक्ष एंड्रियास शाफ ने बताया कि, हम एक नाजुक आर्थिक दौर में है। यह एक बहुत मुश्किल साल है। उत्पाद शुल्क, आयात शुल्क व पेट्रोल की कीमतें बढ़ने से उपभोक्ताओं की धारणा सुधारने में मदद नहीं मिलेगी। बीएमडब्ल्यू ग्रुप ने अपनी बीएमडब्ल्यू वित्तीय सेवाओं के तहत मिनी फाइनेंशियल सर्विसेज शुरू करने की आज घोषणा की। आपको बता दें कि इस समय देश में जिस प्रकार से पेट्रोल की कीमत में उछाल आई उससे डीजल कारों की मांग बढ़ गई है।
पेट्रोल कारें तो पहले से ही पेट्रोल की बेरूखी की मार झेल रही है। उसी में यदि सरकार डीजल कारों पर कर बढ़ा देती है तो कार शौकीन डीजल कारों को खरीदने से भी मरहूम हो जायेंगे और देश का ऑटोमोबाइल उधोग और भी ज्यादा मुश्किल दौरा में चला जायेगा।
देश में वाहन निर्माता डीजल कारों पर कर बढ़ाने के पूरे विरोध में है। लेकिन सरकार ने अपनी नीति बना ली है। सरकार जल्द से जल्द अपने इस योजना को अमली जामा पहनाने के फिराक में है। आपको बता दें कि यह वर्ष शुरू से ही ऑटोमोबाइल बाजार के लिए चिंताजनक रहा है वहीं बिता वर्ष तो और भी मुश्किलों भरा रहा जिसके कारण कंपनियों को इस वर्ष से थोड़ी उम्मीद थी लेकिन वो भी अब टूटती नजर आ रही है।


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