आखिर क्यूं लग रही नैनो में आग?

यदि कंपनी द्वारा इस मामले में उठाए गये कदमों के बारें में बात करें तो वो बिलकुल ना के बराबर है। अभी तक नैनो दहन के इतने मामले सामने आने के बाद भी कंपनी इस आग के पिछे के कारणों के बारें में कुछ भी पता नहीं लगा सकी हैं। जानकारों का मानना है कि नैनो के भीतर स्पेश बहुत ही कम है, और सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि इस कार में रियर इंजन का प्रयोग किया गया है, जो कि कार के पिछले हिस्से में होता हैं।
जब कार चलती है तो इंधन जलता है, और इस दौरान नैनो का इंजन भी तेजी से गरम होने लगता है। ऐसा माना जाता है कि इसी हीट के कारण कार में आग लगती होगी। वहीं कार के अंदर इंटिरियर में फाइबर का प्रयोग किया गया है, जो कि उच्च ज्वलनशील है, जो कि आग को तेजी से फैलने में मदद करती हैं। इस कार में इंजन पिछे होने के कारण कभी कभी कार चालक को पता भी नहीं चलता कि कार के इंजन में आग पकड़ ली है और जब तक उसे पता चलता है तब तक बहुत देर हो चुकी होती हैं।
एक और बिंदू है जो कि नैनो में आग लगने का कारण माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि नैनो में इलेक्ट्रीक वायरिंग में खामियां होने के कारण भी आग लगती हैं। कभी-कभी कुछ जली हुई नैनो कारों में देखा गया है कि कार की वायरिंग पूरी तरह से जल चुकी होती हैं। इस वजह से जानकारों का मानना है कि यह भी एक कारण हो सकता हैं। फिलहाल अभी कंपनी अपनी इस कार के दहन के कारणों के बारें में कुछ भी पता नहीं लगा सकी हैं।


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