अब यूरोप में पिक्सल के रूप में जलवा बिखेरेगी टाटा की नैनो

टाटा मोटर्स लिमिटेड ने 81वें जेनेवा मोटर शो में इस कार को प्रर्दशित किया। टाटा ग्रूप की यह नई नन्ही कार नैनो तकनीक पर ही आधारित है। कंपनी का कहना है कि हर तरह की आधुनिक टेक्निक से लैस इस छोटी कार को सिर्फ यूरोप की सड़कों के लिये तैयार किया जा रहा है। इस कार की खास बात यह है कि यह आसमान छूती कीमतों वाली पेट्रोल से नहीं बल्कि डीजल की शक्ति पर दौड़ेगी। यूरोपीय कार कंपनी जगुआर के अधिग्रहण के बाद टाटा समूह ने तकनीक व डिजाइन में नए प्रयोगों की तरफ ध्यान देना शुरू किया है।
इनमें पिक्सल पहला कदम है। मंगलवार को यहां दुनिया के सबसे बड़े कार मेले जेनेवा मोटर शो में टाटा संस के चेयरमैन रतन टाटा और टाटा मोटर्स के सीईओ कार्ल पीटर फॉर्स्टर ने पिक्सल को दुनिया की कार कंपनियों व विशेषज्ञों के सामने पेश किया। कंपनी इस कार के वाणिज्यिक परीक्षण को लेकर अभी योजनाएं तैयार कर रही है। टाटा पिक्सल नैनो की तरह ही 1.2 लीटर का इंजन पीछे कर तरफ है। कार की खास बात इसमें इस्तमाल एक यूनिक तकनीक है जिसके चलते कार मात्र 2.6 मीटर के रेडियस पर मुड़ सकती है और थोडी़ जगह में ही पार्क भी की जा सकती है।
यह सारी खुबियां कॉम्पैक्ट कारों की श्रेणी में इसे लाकर खड़ी कर देंगी। टाटा मोटर्स के अधिकारियों का कहना है कि नैनो को एक सिटी कार के तौर पर यूरोप में अच्छा समर्थन मिल सकता है। कार के बारे में बताते हुए कंपनी के अधिकारियों ने कहा कि टाटा नैनो पर आधारित यह कार दुनिया की सबसे ज्यादा पैकेज एफिशियेंट फोर-सीटर कार है। इसकी लंबाई तीन मीटर से ज्यादा है। टाटा मोटर्स का मानना है कि यूरोप में ऐसी सिटी कार के लिए मौका है जिसमें स्पेस अच्छा हो और पर्यावरण अनुकूल हो।


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