हड़ताली कर्मचारियों को संयंत्र से हटाया जाये: हाईकोर्ट

इसके अलावा कोर्ट ने हड़ताली कर्मचारियों को संयंत्र से दूर हटकर अपना हड़ताल जारी रखने को कहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, हड़ताली कर्मचारी संयंत्र से 100 मीटर के अंदर तक प्रदर्शन न करने का आदेश दिया है। वहीं कोर्ट ने यह भी कहा है कि जो कर्मचारी संयंत्र में काम करना चाहते है, उन्हे आसानी से काम करने दिया जाये। कोर्ट ने गुड़गांव कमिश्नर को आदेश दिया है कि वो इस पूरे मामले को शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त करने का आदेश दिया है।
आपको बता दें कि मारूति प्रबंधन को इस हड़ताल से काफी नुकसान हो चुका है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक्साइज ड्यूटी के तौर पर 350 करोड़ रुपए का घाटा हो चुका है जबकि कंपनी को 1,540 करोड़ रुपए का झटका लग चुका है। गौरतलब हो कि यह हड़ताल पिछले सात दिनों से लगातार जारी है। इसके अलावा कंपनी पिछले पांच महिनों में लगातार तीसरी बार हड़ताल को झेल रही है। हड़ताल का असर मारूति के कारों के उत्पादन पर भी बुरा पड़ रहा है। आपको बता दें कि हाल ही में 17 अगस्त को अपनी लोकप्रिय हैचबैक कार स्विफ्ट डिजायर कार का डीजल वर्जन पेश किया था। जिसका उत्पादन मनेसर संयंत्र में ही किया जा रहा था।


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