मर्सिडीज बेंज पर दो लाख का जुर्माना

राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निपटान आयोग ने कहा है कि ग्राहकों को बिना बताये इस्माल हो चुकी डेमो कार बेचना उपभोक्ता सरंक्षण कानून के तहत अनुचित व्यापार व्यवहार है। आयोग के न्यायधीश ने कहा कि किसी भी इस्माल हुए सामान को रंग कर या उसे साफ सुथरा कर उसके रूप में तब्दील लाने के बाद उसे नये सामान के रूप में बेचना अनुचित व्यापार व्यवहार की श्रेणी में आता है तथा इसके लिये पीडि़त मुआवजे का पूर्ण हकदार है। प्राइवेट कम्पनी के एक अधिकारी की शिकायत पर आयोग ने यह आदेश दिया है।
पीडित ने चेन्नई स्थित डीलर ट्रांस कार्स इंडिया लिमिटेड से मर्सिडीज बेंज कार ई250 डी मॉडल खरीदा था। कार खरीदने के तुरंत बाद रेड्डी के चेन्नई स्थित टेक्लो मुकुंद कंस्ट्रक्शन के प्रबंधन सहयोगी ने कार में पेंट उतरने के साथ ही बॉडी में कुछ उठाव देखा। साथ ही उन्होंने पाया कि
कार में लगे स्टीरियो में भी कुछ गड़बड़ी शुरू हो गई है।
बाद में उन्हें पता चला कि इस कार का इस्तेमाल किया गया था। शिकायतकर्ता ने सेवा में कमी का आरोप लगाते हुए डीलर और पुणे स्थित कंपनी के कार्यालय से कार बदलने की मांग की। हालांकि, आयोग ने शिकायतकर्ता के कार बदलने के अनुरोध को खारिज कर दिया और कहा कि कार में ऐसी कोई गड़बड़ी नहीं है, जिससे इसका इस्तेमाल न हो पाए।


Click it and Unblock the Notifications








