मारूति पर फिर ग्रहण, मनेसर संयंत्र में कर्मचारी हड़ताल पर

आपको बता दें कि मारूति सुजुकी और हड़ताल का चोली-दामन का साथ होता नजर आ रहा है। पिछले पांच महिनों में मनेसर संयंत्र में कर्मचारियों की यह तीसरी हड़ताल है। गौरतलब हो कि पिछली बार जून माह में कर्मचारियों ने नये यूनियन के गठन की मांग को लेकर लगभग 13 दिनों तक हड़ताल किया था। उसके बाद किसी तरह मारूति प्रबंधन और कर्मचारियों में समझौता हो सका था। इस हड़ताल में कंपनी को कुल 600 करोड़ रूपये की चपत लगी थी।
उसके बाद बीते 29 अगस्त को कर्मचारी एक बार फिर हड़ताल पर चले गये थे। इस बार हड़ताल कुल एक महिना दो दिनों तक चली थी। बतातें चलें कि कंपनी को कर्मचारियों की इस बेरूखी के कारण करोड़ो का नुकसान हो रहा है। बीती रात से मनेसर संयंत्र में काम-काज ठप्प है। वहीं कंपनी को अपने नयी हैचबैक कार स्विफ्ट के उत्पादन की चिंता खाये जा रही है। गौरतलब हो कि हड़ताल के कारण मनेसर संयंत्र में ए-स्टार, स्विफ्ट डीजल, वैगनआर, और डीजायर का उत्पादन प्रभावित हुआ है।
वहीं कंपनी की लोकप्रिय हैचबैक कार स्विफ्ट भी बाजारों से नदारद हो रही है। उत्पादन का पूरा असर कंपनी की बिक्री पर भी पड़ा है, जिसके चलते सितम्बर माह की बिक्री में 20.8 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। इस वर्ष सितम्बर माह में कम्पनी की बिक्री 85,565 इकाई थी जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 108,006 था। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस बार कंपनी में लगभग 7,000 कर्मचारी हड़ताल पर गये है।


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