मारूति के मनेसर संयंत्र की आग बढ़ी, कर्मचारियों को मिला बाहरी सर्मथन

कर्मचारी इस मामले पर उपायुक्त को एक ज्ञापन भी देंगे, और मामले के निपटारे की मांग करेंगे। यदि मनेसर संयंत्र में कर्मचारियों और मारूति प्रबंधन के बीच संबधों की बात करें तो वो दिन प्रतिदीन और खराब होता जा रहा हैं। जहां एक तरफ कंपनी कर्मचारियों की मांग को मांगने को तैयार नहीं है, वहीं कर्मचारी भी कंपनी द्वारा "गुड कंडक्ट बांड" पर हस्ताक्षर करने को तैयार नहीं है। इसे देखकर यही अंदाजा लगाया जा रहा है कि अभी फिलहाल दोनो ही पक्ष इस मामले पर अपना रूख नरम नहीं कर रहें हैं।
इसके अलावा कर्मचारियों का कहना है कि, वो हड़ताल पर नहीं है क्योंकि जब सोमवार को कर्मचारी संयंत्र में काम करने के लिए आये तो कंपनी ने उन्हे बगैर बांड पर हस्ताक्षर किये प्रवेश करने का आदेश नहीं दिया। कर्मचारी इस पेपर पर हस्ताक्षर करने को बिलकुल तैयार नहीं है। कर्मचारियों की इस बैठक में होंडा, रीको, ओकेगोवा, हीरो होंडा, सुजुकी पावर सहीत लगभग 30 कंपनियों के कर्मचारी मौजूद थे।
जिस तरह से मारूति के कर्मचारियों को समर्थन मिल रहा है उसे देखकर यही अंदाजा लगाया जा रहा है कि इसका असर समूचे ऑटोमोबाइल क्षेत्र पर भी पड़ सकता है। आपको बता दें कि हाल ही में मारूति ने अपनी लोकप्रिय हैचबैक कार स्विफ्ट का नया संस्क्रण पेश किया था। कंपनी को अपनी इस कार से काफी उम्मीदे भी है, गौरतलब हो कि मारूति स्वीफ्ट पेश होने से पहले ही भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में खासी लोकप्रिय हो चुकी है।
इस हडताल का पूरा असर मारूति के उत्पादन पर पड़ रहा है। मारूति स्विफ्ट पहले से ही लगभग 4 महीने देरी से ग्राहको को डीलीवर हो सकेगी, उसी में यह हडताल इस समस्या को और भी बढ़ा सकती हैं।


Click it and Unblock the Notifications